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बैकडोर से अभिभावकों की जेब पर डाका डालने की तैयारी में सरकार, दुगनी हुई स्कूल बसों की ट्रैवलिंग फीस

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अभिभावकों की जेब होगी हल्की, दोगुनी हुई स्कूल बसों की ट्रैवलिंग फीस

अमित रूखाया
फतेहाबाद।
अगर आपका बच्चा स्कूल वैन से आता-जाता है तो अगले सत्र से अपनी जेब पर और अधिक बोझ डालने के लिए खुद को मानसिक रूप से तैयार कर लीजिए। प्रदेश सरकार टैक्स बढ़ाकर अभिभावकों की जेब पर हल्की करने की तैयारी कर रही है। दरअसल आरटीए विभाग ने स्कूल बसों की ट्रैवलिंग फीस बढ़ा दी है। इस सत्र में सरकार ने दूसरी बार इस टैक्स में इजाफा किया है, जिसके चलते अब निजी स्कूल संचालक प्रदेश सरकार से बात करेंगे। अगर मांगे नहीं मानी गई तो अगले सत्र से निजी स्कूल संचालक विद्यार्थियों के स्कूल बस खर्च में काफी ज्यादा इजाफा कर सकते हैं।

एसी स्कूल बसों पर साधारण बसों की तुलना में लगेगा दोगुना चार्ज
आरटीए विभाग स्कूल बसों पर वर्तमान के मुकाबले दोगना चार्ज लगा चुका है। इतना ही नहीं, बच्चों को गर्मी और धूप से बचाने वाली एसी स्कूल बसों को साधारण बसों की अपेक्षा अधिक पैसे चुकाने होंगे। साधारण स्कूल बस, जिसमें 6 से 12 सीटें होंगी, उनके लिए विभाग को सालाना 3 हजार रुपये देना होगा जबकि एसी बसों के लिए इससे ठीक दोगुना अर्थात छह हजार तक भुगतान करना होगा। इसी तरह 13 सीट से 32 सीट वाली साधारण स्कूल बसों को सालाना 5 हजार रुपये देना होगा जबकि इसी कैटेगरी की एसी बसों के लिए ट्रैवलिंग टैक्स दस हजार रुपये सालाना होगा। सरकार द्वारा लगाए जाने वाले इस ट्रैवलिंग टेस्ट की सबसे अधिक मार 32 से अधिक सीटों वाली स्कूल बस पर पड़ेगी। 32 सीटों से अधिक क्षमता वाली एसी स्कूल बसों के लिए स्कूल संचालकों को सालाना 15 हजार रुपये फिक्स टैक्स भी जमा करवाना पड़ सकता है। जबकि साधारण बसों के लिए सात हजार रुपये का भुगतान करना पड़ेगा।
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ट्रैवल टैक्स न जमा होने पर वाहनों को जब्त करने की चेतावनी
ट्रैवल टैक्स को लेकर सरकार और आरटीए विभाग की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि विभाग की ओर से स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि सड़कों पर बिना ट्रैवल टैक्स का भुगतान वाली स्कूल बस को तुरंत जब्त कर लिया जाएगा।इतना ही नहीं, पहले निशुल्क एजुकेशन देने वाले शिक्षण संस्थानों या विद्यार्थियों से 200 रुपये से कम ट्रैवल फीस लेने वाले स्कूलों को इससे छूट दी हुई थी, लेकिन अब ताजा आदेशों के बाद ये सुविधा भी बंद कर दी गई है।

जिले में 3 सौ से अधिक स्कूलों में चलती हैं 7 सौ स्कूल बसें
फतेहाबाद जिले में निजी स्कूलों की संख्या लगभग 3 सौ के करीब है। इन स्कूलों में कुल 7 सौ से अधिक स्कूल बसें हैं। जिसमें फुल बस, के अलावा ट्रैवलर बस, टाटा ऐस आदि गाड़ियां भी शामिल हैं। ऐसे में आरटीए विभाग द्वारा ट्रैवल टैक्स थोपने के कारण इन सभी स्कूलों को सालाना सभी 7 सौ स्कूल बसों पर ट्रैवल टैक्स देना होगा जबकि पहले स्कूल संचालकों को कई प्रकार की सहुलियतें मिल जाती थीं।
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इस प्रकार के कदम स्कूल संचालकों को हतोत्साहित करने वाले हैं। इस प्रकार के फैसलों से स्कूलों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा जो विद्यार्थियों और अभिभावकों को भी प्रभावित करेगा। इस संदर्भ में सरकार से बात करेंगे और इस फैसले को वापिस लेने की मांग करेंगे।’
- शैलेन भास्कर, जिला महासचिव, प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन, फतेहाबाद
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