सुभाष बराला को बड़ा झटका, समर्थकों सहित पार्टी छोड़ेगा भतीजा जनक बराला
अमर उजाला ब्यूरो
टोहाना।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला को अपने ही गृह क्षेत्र में बड़ा झटका लगा है। साये की तरह रहकर बराला को विधायक बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले उनके भतीजे जनक बराला पांच अक्तूबर को अपने हजारों समर्थकों सहित भाजपा का साथ छोड़ देंगे। यह घोषणा रविवार को पीएलडीए बैंक के चेरयमैन और बराला के भतीजे जनक बराला ने पत्रकारों के सामने की। जनक बराला ने सुभाष बराला पर गांव बिढ़ाईखेड़ा से विकास में भेदभाव करने सहित अनेक आरोप लगाए हैं। कहा कि सुभाष बराला उनके परिवार से हैं, लेकिन पार्टी की नीतियों से तंग आकर उन्होंने यह फैसला लिया है।
टोहाना हलके में विधायक एवं भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला का साया जनक बराला को माना जाता है, लेकिन जनक बराला ने आरोप लगाया कि गलत नीतियों के चलते अब उन्हें भाजपा में घुटन हो रही है। उन्हें जो मान-सम्मान मिलना चाहिए वो नहीं मिल पा रहा है। हलके में विकास के नाम पर भेदभाव हो रहा है। इसके चलते उन्होंने यह फैसला लिया है। वे अपने हजारों समर्थकों सहित पार्टी को पांच अक्तूबर को अलविदा कहेंगे। जनक नेे बताया कि वे गांव बिढ़ाईखेड़ा में वे जनसभा कर अपने समर्थकों सहित पार्टी से त्याग-पत्र देंगे। यह भी कहा कि फिलहाल वे किसी भी अन्य पार्टी का हिस्सा नहीं बनेंगे। समाजहित कार्यों में ही आगे आएंगे।
सूत्रों की मानें तो सीएम मनोहर लाल ने क्षेत्र में एक बाईपास बनाने और बाईपास पर ही बस स्टैंड के निर्माण की घोषणा की थी। इसके लिए भू-मालिकों ने बराला से मिलकर जमीन देने की बात कही थी। सुभाष बराला के विश्वास पात्र माने जाने वाले जनक बराला ने भू-मालिकों को मनाने में अहम भूमिका निभाई थी। उनके पार्टी छोड़ने से भाजपा प्रदेशाध्यक्ष को मुश्किलें आ सकती हैं। पहले ही वह मुश्किलों के दौर से गुजर रहे हैं। अब उनके पारिवारिक भतीजे जनक बराला और गांव के सरपंच रामू बराला ने उनका साथ छोड़ने की घोषणा की है, तो उनकी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।