अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। महिला आयोग की सदस्य सुमन बेदी ने कहा कि महिलाओं को उनके हितार्थ कानून में अनेक लाभ दिए गए हैं, लेकिन इसका यह मतलब कतई नहीं होना चाहिए कि कोई महिला इनका नाजायज फायदा उठाए। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार टोहाना में तीन युवकों पर दुष्कर्म का आरोप लगा ब्लैकमेल करने का मामला सामने आया है, यह महिला अधिकारों के दुरुपयोग को ही दर्शाता है। महिला आयोग रेप मामलों में झूठे केस दर्ज करवाने वालों के प्रति बेहद सख्त है और बालिगों से दुष्कर्म की शिकायतों का गंभीरता से अध्ययन करके ही आगामी कार्रवाई की सिफारिश पुलिस प्रशासन से करता रहा है। वे भूना रोड स्थित रेस्ट हाउस में सामाजिक कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रही थीं।
इस अवसर पर पुलिस प्रशासन की तरफ से डीएसपी धर्मबीर पूनिया, महिला थाना इंचार्ज मंजू रानी, संतोष देवी, रवि अमरगढ़ व ताराचंद बलियाली भी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। महिला आयोग सदस्य बेदी बाद में भट्टू में दुष्कर्म पीड़िता नाबालिग के परिवार के बीच भी पहुंची और उनसे प्रशासनिक कार्रवाई आदि की जानकारी ली। सुमन बेदी ने इस दौरान छेड़छाड़ जैसी घटनाओं को रोकने में सक्रिय दुर्गा शक्ति टीम को भी महिला कॉलेज, स्कूल आदि क्षेत्रों में छुट्टी व लगने के समय तैनाती रखने की बात कही।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में महिलाओं का उत्पीड़न पहले से कम हुआ है। क्योंकि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, दुर्गा एप, महिला हेल्प लाइन नंबर, महिला थानों आदि ने महिला वर्ग को जाग्रत करके अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने का हौसला दिया है। फिर भी बहुत से मामलों में महिलाओं द्वारा झूठी शिकायत देने के चलते लोगों के मान-सम्मान पर ठेस पहुंचती है। ऐसे मामलों को पुलिस प्रशासन गंभीरता से ले और गहन जांच पड़ताल करके ही ठोस कदम उठाए। यदि कोई शिकायतकर्ता झूठी पाई जाती है तो उसके खिलाफ किसी तरह की नरमी न बरते।
उन्होंने स्पष्ट किया कि महिला आयोग भी नाबालिग से दुष्कर्म होने जैसे संगीन मामलों को छोड़ अन्य सभी मामलों में पहले अपने स्तर पर जांच करके ही आगामी कार्रवाई पर काम करता है। पुलिस प्रशासन व महिला आयोग की इसी सक्रियता का परिणाम है कि अब महिला शोषण के झूठे केस दर्ज करवाने वाले भी बेनकाब हो, सलाखों के पीछे जाने लगे हैं। उन्होंने महिलाओं का आह्वान किया कि कानून उनके अधिकारों की रक्षा के लिए बनाए गए हैं, इनका दुरुपयोग करने की बजाय, सदुपयोग करें।