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सोतर भट्टू में एक व्यक्ति को स्वाइन फ्लू की पुष्टि, जिले में संख्या बढकर हुई 24

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सोतर भट्टू में एक व्यक्ति में स्वाइन फ्लू की पुष्टि, संख्या बढ़कर हुई 24
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। जिले में स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इससे पहले भी जिले में 23 मरीजों को स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो चुकी है। इतना ही नहीं दो महिलाओं की स्वाइन फ्लू के कारण मौत भी हो चुकी है। मंगलवार को रोहतक पीजीआई से आई रिपोर्ट में सोतर भट्टू के एक 50 वर्षीय अधेड़ को स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। जिला महामारी अधिकारी डॉ. विष्णु मित्तल ने इसकी पुष्टि की है।
विदित है कि जिले में उक्त मरीज से पहले भी 23 मरीजों को स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो चुकी है। डॉ. विष्णु मित्तल ने बताया कि उक्त मरीज के परिवार के सभी सदस्यों को टेमीफ्लू दवा दे दी गई है। तथा गांव में भी विभाग की टीम ने मंगलवार को विशेष जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया। उन्होंने बताया कि मरीज को भी दवा दी गई है तथा अब उसकी हालत में सुधार है। उन्होंने बताया कि स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए जिले के नागरिक अस्पताल में विभाग ने विशेष वार्ड भी बनाया हुआ है। तथा विभाग की टीमें लगातार विशेष अभियान के तहत लोगों को जागरूक करने में लगी हुई है। स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए लोगों को पौष्टिक भोजन, खांसते समय रुमाल का प्रयोग, साबुन से हाथ धोने की अपील की है।
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स्कूलों में भी चलाया जा रहा जागरूकता अभियान
लगातार बढ़ रहे स्वाइन फ्लू के मामलों के चलते स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है। सोमवार से विभाग ने स्वाइन फ्लू के बारे में चलाए जा रहे जागरूकता अभियान के तहत जिले के विभिन्न गांवों के स्कूलों में भी जागरूकता अभियान चलाया। अभियान के तहत स्कूली बच्चों को स्वाइन फ्लू के लक्षण व बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। डॉ. विष्णु मित्तल ने बताया कि स्वाइन फ्लू से बचने के लिए सावधानी तथा इसके बारे में पूरी जानकारी ही बचाव का एकमात्र तरीका है। इसलिए विभाग की टीम लगातार स्कूली बच्चों व लोगों को जागरूक कर रही है।
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गर्भवती महिला का रखें विशेष ध्यान
जिला महामारी अधिकारी डॉ. विष्णु ने बताया कि स्वाइन फ्लू एक खतरनाक बुखार है। उन्होंने बताया कि स्वाइन फ्लू के इस मौसम में गर्भवती महिला को अपना विशेष ध्यान रखना चाहिए। वहीं छोटे बच्चों को भी सर्दी व खांसी जुकाम होने पर उनके माता पिता हल्के में ना लें और तुरंत डॉक्टर को दिखाकर उनका इलाज करवाएं।
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