अमर उजाल ब्यूरो
फतेहाबाद। दीवाली पर्व को लेकर अनाजमंडी में रही छुट्टियों के कारण सोमवार को अनाजमंडी में धान बेचने के लिए किसानों की भीड़ उमड़ पड़ी। माल की अधिक आवक का फल यह रहा कि मंडी में धान के रेट धड़ाम से नीचे आ गिरे। जिससे किसानों को मायूसी का सामना करना पड़ा। वहीं अनाजमंडी में धान की ट्रालियों की अचानक आई बाढ़ से जाम लग गया। हालात यह बन गए कि अनाजमंडी में पैर रखने को जगह नहीं थी। मंडी के सभी गेटों पर ट्रैक्टर ट्रालियां फंसकर रह गई, जिस कारण न तो वाहन चालकों को मंडी से बाहर निकलने की जगह मिली और ना ही अंदर जाने की। मंडी में अचानक लगे इस जाम की वजह से व्यापारियों, किसानों व मंडी में रहने वाले परिवारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अनाजमंडी में धनतेरस से भैया दूज तक छुट्टियां रही थी। इस दौरान अनाजमंडी में कोई भी किसान अपनी धान लेकर नहीं आया था। मंडी में केवल वही धान की ढेरियां थी, जो पहले से आई हुई थी। इन छुट्टियों के बीच किसानों के पास धान का भारी मात्रा में स्टाक हो गया था। सोमवार को जैसे ही मंडी खुली तो भारी संख्या में किसान अनाजमंडी में अपनी धान को ट्रैक्टर ट्रालियों में लादकर ले आए। जिससे मंडी में जाम लग गया। मंडी के सभी गेट व अनाजमंडी के पास स्थित शैड के नीचे तो ट्रैक्टर ट्रालियों की भरमार लग गई थी।
रेट गिरे धड़ाम से
फतेहाबाद में सोमवार को भारी मात्रा में धान की फसल आने से धान की विभिन्न वैरायटियों के दाम धड़ाम से नीचे आ गिरे। मुच्छल धान के जो दाम पहले 3051 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गए थे, उनके दाम सोमवार को 2850 से 2875 तक रहे। मुच्छल धान के दामों में करीब 200 रुपये प्रति क्विंटल की कमी देखी गई।
सभी गेटों पर लगा जाम
धान की आवक ने सोमवार को ऐसा जोर पकड़ा कि अनाजमंडी के सभी गेट व मंडी के बाहर बने शैड के दोनों गेट पूरी तरह से जाम होकर रह गए। यहां पर पैर रखने तक की जगह नहीं थी। किसानों व आढ़तियों के इस दौरान भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। मंडी में रहने वाले लोग भी अपने घरों में ही बंद होकर रह गए।
नई मंडी में नहीं पहुंची धान
वहीं दूसरी ओर करोड़ों रुपये से बनी नई अनाजमंडी में धान बेचने के लिए किसानों की संख्या काफी कम रही। हालांकि नई अनाजमंडी में इतनी खुली जगह है कि वहां जाम नहीं लग सकता, लेकिन मार्किट कमेटी अधिकारियों ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया।
दो दिनों में स्थिति हो जाएगी ठीक: मार्किट कमेटी सचिव
इस बारे में जब मार्किट कमेटी के सचिव संजीव सचदेवा से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि दीवाली को लेकर 5-6 दिन की छुट्टियां थी। इस दौरान किसानों के पास धान का फुल स्टाक हो गया था और वह आज ही मंडी में पहुंच गए, जिस कारण यह स्थिति हुई है। हम स्थिति को सुधारने में लगे हैं। आज 5-10 फर्मों को नई अनाजमंडी में भेजा गया है और कल भी 10-15 फर्मों को भेजा जाएगा। इसके बाद स्थिति में सुधार हो जाएगा।
22 एफटीबीपी 09-अनाजमंडी के बाहर शैड के गेट पर लगी ट्रैक्टर ट्रालियों की भरमार