अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद।
नगर परिषद के पार्षदों ने एक बार फिर नप प्रशासन की कार्यवाही पर सवाल खड़े किए हैं। हैरत की बात ये है कि इस बार ऐसा करने वाले नप प्रधान के विरोधी गुट के न होकर उनके समर्थक माने जाने वाले पार्षद हैं। नप प्रधान दर्शन नागपाल के समर्थक माने जाने वाले पार्षद प्रतिनिधि डॉॅॅ. रणजीत ओड, राजेश जांगड़ा, गुरचरण सिंह, अर्जुन लोट और रमेश ढिल्लों ने नप प्रशासन पर हमला बोला है। दरअसल इन पार्षदों ने नगर परिषद के ठेके सिर्फ एक ही ठेकेदार को दिए जाने पर सवाल खड़े किए हैं। इन पार्षदों ने अपने विरोध को पार्षद राजकुमार सैनी, पार्षद प्रतिनिधि मनोहर कूका, महेश मक्कड़, पार्षद वीरेंद्र एडवोकेट और राजकुमार सैनी का समर्थन मिलने का दावा किया है। दूसरी ओर नगर परिषद अध्यक्ष दर्शन नागपाल ने इसे नप का अंदरूनी मामला बताते हुए कहा कि कोई पार्षद नाराज नहीं है, अगर ऐसी कोई बात होगी तो आपस में मिल बैठ कर मसले को सुलझा लिया जाएगा।
बुधवार को पार्षद प्रतिनिधि डॉ. रणजीत ओड, रमेश ढिल्लों, अर्जुन लोट, पार्षद राजेश जांगड़ा और पार्षद राजकुमार सैनी ने बताया कि शहर में लगे मोबाइल टायलेट की देखरेख का जिम्मा नगर परिषद के सफाई ठेकेदार मंगल को दिया गया है। इसके बाद शहर में ओडीएफ करने के लिए कर्मचारियों की नियुक्ति का जिम्मा भी मंगल ठेकेदार को दिया गया है। इसके अलावा आवारा सांडों को पकड़ने के लिए 15 नए सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति की बात की गई थी जिसके लिए भी मंगल ठेकेदार को ही अधिकृत किया गया। पार्षदों का आरोप है कि आखिर क्या वजह है कि एक ही ठेकेदार को सारे ठेके दिए जा रहे हैं।
पार्षद प्रतिनिधियों ने नगर परिषद प्रधान दर्शन नागपाल को पूरी तरह से ईमानदार बताते हुए कहा कि कमेटी के अंदर ही कुछ ऐसे लोग उनके आसपास हो गए हैं जो उनकी आंखों पर पट्टी बांधे हुए हैं, जिसके कारण नप अध्यक्ष ये सब होते देख ही नहीं पा रहे हैं। नप अध्यक्ष के आसपास के लोगों की जुंडली नगर परिषद में प्रधान के समांतर सरकार चलाने का प्रयास कर रही है। इन पार्षदों का कहना है कि अगर सारे ठेके एक ही व्यक्ति को दिए जाएंगे तो नगर परिषद प्रशासन और अध्यक्ष पर अंगुली उठनी स्वभाविक है। पार्षद व पार्षद प्रतिनिधियों ने साफ तौर पर आरोप लगाया कि शहर से आवारा सांडों को पकड़ने के नाम पर 15 कर्मचारियों की नियुक्ति की गई थी, लेकिन किसी भी पार्षद ने एक भी कर्मचारी को सांड पकड़ते नहीं देखा और उनके खुद के वार्ड में अभी तक लावारिस सांड घूमते फिर रहे हैं।
पार्षदों की अगर किसी बात को लेकर नाराजगी है तो वो हमारा अंदरूनी मामला है। हम आपस में मिल-बैठकर मामले को निपटा लेंगे। ठेके नियमानुसार व पार्षदों की सहमति से ही दिए गए थे।
दर्शन नागपाल, नप अध्यक्ष, फतेहाबाद ।
नप का ठेका एक ही ठेकेदार को मिलने पर विरोध
नप प्रधान समर्थक पार्षदों ने ही साधा निशाना
एक ही ठेकेदार को सारे ठेके देने को लेकर जताया विरोध
बोले, नप में समांतर सरकार चला रहे कुछ लोग
विरोधी पार्षदों ने भी जताई सहमति
नप प्रधान बोले, नप का अंदरूनी मसला, मिल-बैठकर सुलझाएंगे
14एफटीबीपी08 : नगर परिषद प्रशासन पर सवाल उठाने वाले पार्षद व पार्षद प्रतिनिधि ।