अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। एचटेट परीक्षा के लेवल वन के लिए शनिवार शाम जिले के विभिन्न केंद्रों पर परीक्षा का आयोजन किया गया। परीक्षा से पहले सुरक्षा जांच के दौरान कई महिला परीक्षार्थी सुरक्षाकर्मियों से उलझती दिखी। हालांकि बोर्ड व जिला प्रशासन की ओर से पहले ही ये हिदायत दी गई थी कि इस बार एचटेट परीक्षा के दौरान महिला परीक्षार्थियों को महज सिंदूर, बिंदी और मंगलसूत्र के साथ ही अंदर जाने की परमिशन होगी। इसके बावजूद अनेक महिला परीक्षार्थी अंगुठियां, बालियां, नोजपिन और चूड़ियां पहनकर सेंटर पहुंच गई और सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें गेट पर ही रोक कर बैरंग लौटा दिया। इस बात पर कई सेंटर्स में महिला परीक्षार्थियों व सेंटर अधिकारियों के बीच बहस भी हुई लेकिन किसी भी परीक्षार्थी को नियमों से इतर कोई छूट नहीं दी गई।
परीक्षा के दौरान कई नवविवाहिताएं भी परीक्षा देने शहर के अंदर परीक्षा केंद्रों पर पहुंची। नवविवाहिताओं के चूड़े पर इस बार भी पाबंदी थी। जिसके कारण परीक्षा केंद्र में जाने के लिए गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने नवविवाहिताओं से अपना चूड़ा उतारने को कहा। पहले तो कई सेंटरों पर इस बात को लेकर नवविवाहिताओं ने सुरक्षाकर्मियों से बहस की। लेकिन जब बहस के बाद भी उनकी नहीं चली तो मजबूरन उनको अपना चूड़ा उतारना पड़ा। इस दौरान एक-दो नवविवाहिताओं की आंख से आंसू भी छलक आए।
महिला ने बच्चे को दूध पिलाने का वास्ता दिया तो अंतिम समय में दी परीक्षा केंद्र में इंट्री
एमएम बीएड कॉलेज में बनाए गए परीक्षा केंद्र पर एक अनोखा दृश्य देखने को मिला। इस परीक्षा केंद्र पर परीक्षार्थियों की एंट्री का समय लगभग समाप्त हो गया था। तभी एक महिला परीक्षार्थी भागते-भागते केंद्र तक पहुंची। पहले तो गेट पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों व अन्य अधिकारियों ने उसे इंट्री नहीं दी। इसके बाद उस परीक्षार्थी ने कहा कि वो गेट के बाहर अपने रोते हुए छोटे बच्चे को दूध पिला रही थी जिसके कारण वो ऐन मौके पर पहुंच सकी। उसकी बात सुनकर एक बारगी तो गेट पर तैनात सभी कर्मचारी एक-दूसरे को देखने लग गए और फिर उसे इंट्री की परमिशन दे दी गई।
महिला परीक्षार्थियों ने अंदर दिया पेपर, बाहर परिजनों ने संभाले बच्चे
एचटेट लेवल वन की परीक्षा के दौरान महिला परीक्षार्थियों के साथ उनके परिजनों के लिए भी बाहर रुकना किसी परीक्षा से कम नहीं था। पूरे परीक्षा समय के दौरान उनके साथ आए परिजनों ने महिला परीक्षार्थियों का सामान पकड़ कर रखा तो किसी-किसी ने अपने बच्चों को गोद में उठाए रखा। स्थानीय एपैक्स पब्लिक स्कूल में उस समय स्थिति काफी अलग सी हो गई जबकि सेंटर के बाहर किसी ने अपने बच्चे को गोद में उठा रखा था तो किसी ने अपनी पत्नी का पर्स संभाला हुआ था। इतना ही नहीं, कुछ लोग तो अपनी रिश्तेदारों की चूडिय़ां व कड़े भी हाथ में पकड़े हुए नजर आए।
वर्जन
कई सेंटरों पर परीक्षार्थियों की सुरक्षाकर्मियों से बहस की सूचनाएं मिली हैं लेकिन लोगों को भी ये सोचना चाहिए कि ये नियम जिलास्तर पर नहीं बनाए गए हैं। ये नियम सरकार की ओर से बनाए गए हैं और हम बस यहां इनकी पालना कर रहे हैं। कई दिनों से अखबारों में सूचनाएं आ चुकी हैं कि जेवर प्रतिबंधित हैं, लेकिन फिर भी लोग लेकर साथ जाना चाहते हैं।
- दीपक सहारण, पुलिस अधीक्षक, फतेहाबाद।