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नगर परिषद की मीटिंग में पार्षदों ने काटा जमकर बवाल, अधिकारियों से करते रहे तू तड़ाक

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अमर उजाला ब्यूरो
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फतेहाबाद। नगर परिषद के पार्षदों की बैठक बुधवार को नगर परिषद कार्यालय में हुई। बैठक में कुल 25 पार्षदों में से 19 पार्षदों ने भाग लिया, जबकि उपप्रधान सहित 6 पार्षद बैठक से नदारद रहे। बैठक में पार्षदों ने विकास कार्य न होने पर जमकर बवाल काटा व नगर परिषद प्रधान दर्शन नागपाल तथा नप अधिकारियों पर भड़ास निकाली।
तीन घंटे चली बैठक में पार्षदों और अधिकारियों के बीच जमकर तू तड़ाक भी हुआ। बैठक में करीब सभी पार्षदों ने प्रधान व अफसरों के समक्ष आरोप लगाए कि परिषद में अफसर और ठेकेदारों की मिलीभगत के चलते किसी भी पार्षद के काम नहीं हो रहे। एक पार्षद के कहने पर ही नगर परिषद में काम हो रहे हैं। जबकि प्रधान के चहेते पार्षदों के वार्ड में बिना टेंडर लगाए ही काम चल रहे हैं। इसके अलावा सभी पार्षदों ने एक ठेकेदार के खिलाफ भी जमकर भड़ास निकाली तथा उसे ब्लैक लिस्टेड करने की मांग रखी। प्रधान ने सभी को आश्वासन दिया कि आगामी शुक्रवार को एमई के ज्वाइन करने के बाद सभी पार्षदों की समस्याओं का हल करवा दिया जाएगा।
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पिछले दिनों पार्षदों ने नगर परिषद के प्रधान दर्शन नागपाल, जेई सुमित चोपड़ा, चीफ सेनेटरी ऑफिसर रोशनलाल तथा सफाई दरोगाओं पर उनके काम न करने के आरोप लगाए थे। पार्षदों का आरोप था कि नगर परिषद के अधिकारी व ठेकेदारों की मिलीभगत है, जिस कारण वह पार्षदों के काम नहीं कर रहे। बैठक में सबसे मुखर वार्ड नंबर-9 की पार्षद ज्योति मेहता र्हुइं। उन्होंने आरोप लगाया कि 2016 से उन्होंने वार्ड की 4 गलियों व 2 शेड के लिए अनेक बार एजेंडे में दर्ज करवाए, लेकिन हर बार उन्हें आश्वासन ही मिला। अभी तक 2 गलियों को छोड़कर कोई विकास कार्य नहीं हुआ। जबकि शेड के टेंडर को हुए 4 माह हो गए, लेकिन ठेकेदार ने अभी काम शुरू नहीं किया है।
उन्होंने रोष जाहिर करते हुए कहा कि अब वह इस ठेकेदार से शेड का निर्माण नहीं करवाएंगी, इसके लिए नए टेंडर कॉल किए जाएं। वार्ड नंबर-18 के पार्षद पति विनय शर्मा ने विरोध जताते हुए कहा कि उनके वार्ड में सफाई कर्मचारी को बिना कारण हटा दिया गया। जब उन्होंने फोन करने के लिए चीफ सेनेटरी ऑफिसर को फोन किया तो उन्होंने 10 बार उनका फोन नहीं उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि नप प्रधान व ठेकेदार पार्षद राकेश गंभीर के कब्जे में हैं। उन्होंने कहा कि यह शहर में आम चर्चा है कि परिषद का कोई काम करवाना हो तो पार्षद राकेश गंभीर से मिलो और वह अपने आप में भी कहता है कि पार्षद में काम करवाने का दम होना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधान के भाई ने उनके वार्ड में बिना उनके संज्ञान में तीन बैंच अपने घर के बाहर रखवा दिए हैं। उन्हें उठवाया जाए।
इन मुद्दों पर हुई बहस
वार्ड नंबर-8 के पार्षद पति सोनू कुक्कड़ ने कहा कि उन्होंने डंपिंग प्वाइंट के पास परिषद का एक सफाई कर्मचारी रखने की मांग रखी थी, लेकिन सफाई दरोगा इस बात को मानने के लिए तैयार नहीं। हालांकि कर्मचारी का प्रतिदिन का वेतन भी वह जेब से देने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि उनके वार्ड के लाजपत नगर में एक मूर्ति लगना प्रस्तावित है। उसने 60 हजार रुपये कीमत की मूर्ति मंगवा रखी है, लेकिन परिषद के कर्मचारी स्थान को निर्धारित नहीं कर रहे। वार्ड में फव्वारे व स्ट्रीट लाइट खराब पड़ी है, इसकी रिपेयरिंग नहीं की जा रही। वार्ड नंबर-20 के पार्षद नरेश बजाज ने कहा कि शहर के सभी कार्य जब एक बार पार्षदों ने परिषद में दर्ज करवा दिए तो उनके टेंडर क्यों नहीं हो रहे। वार्ड नंबर-7 के गुरचरण ने कहा कि टेंडर हो जाने के बाद ठेकेदार काम क्यों नहीं करते। आटो मार्केट, जगजीवनपुरा व लाजपत नगर के टेंडर हुए 4 माह से ऊपर हो चुका है, लेकिन अभी तक ठेकेदार ने काम शुरू नहीं किया। वार्ड नंबर-13 के पार्षद पति दीपू टुटेजा ने आरोप लगाया कि पार्षद काम नहीं पैसे की चाह रखते हैं। डी-प्लान में आया पैसा भी खर्च नहीं हो रहा। वार्ड नंबर-6 के पार्षद पति डा.रणजीत ओड ने कहा कि जो ठेकेदार काम नहीं करते, उनको ब्लेकलिस्ट किया जाए। वार्ड नंबर-2 के पार्षद पति प्रमोद ग्रोवर ने बैठक में जमकर हंगामा किया व कहा कि यहां पर ठेकेदारों की मनोपली है। ठेकेदारों व अफसरों की मिलीभगत है, इसलिए पार्षदों की पूछ नहीं हो रही। वार्ड नंबर-21 की पार्षद किरण के पति मनोज नारंग ने बैठक में सबसे अधिक सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उनके वार्ड में काम नहीं हो रहे, लोग उनसे जवाब मांगते हैं, जबकि उनके पड़ोस के वार्ड में बिना टेंडर के ही सीसी गली बना दी गई। जब उसने संबंधित पार्षद से सवाल किया तो पार्षद बोला कि वह अपनी जेब से गली बनवा रहा है। मनोज नारंग का आरोप है कि परिषद के अधिकारी उक्त पार्षद की जेब में है और अफसरों की मिलीभगत के कहने पर ही सारे काम हो रहे हैं। डाक्टर रणजीत ने यह कहकर सनसनी फैला दी कि वार्ड में सफाई करवानी हो तो प्रधानमंत्री अथवा बीजेपी के दिवंगत नेताओं के जन्मदिन मना लिए जाएं, वहां पर उसी दिन सफाई हो जाती है।
आपस में उलझे रहे पार्षद
बुधवार को बैठक तो इसलिए बुलाई थी कि पार्षद प्रधान के समक्ष विकास कार्य न होने की आवाज बुलंद कर सकें, लेकिन इसके विपरीत पार्षदों ने एक दूसरे पर ही आरोप प्रत्यारोप करने शुरू कर दिए। 4 पार्षदों ने एक ही पार्षद पर युवा वर्ग को गलत धंधे में धकेलने के आरोप जड़े, साथ ही पैसे के कारण ही वह ठेकेदारों व अफसरों से अपने काम करवा रहे हैं। विनय शर्मा एडवोकेट ने मीटिंग में सरेआम पार्षद का नाम लेकर सबको चौंका दिया। इससे पहले मनोज नारंग व प्रमोद डबली ने भी उक्त पार्षद का बार-बार जिक्र किया।
14 महिला पार्षदों में मात्र दो आई, बाकी के पतियों ने संभाला मोर्चा
बैठक में कुल 25 पार्षदों में से 19 पार्षद तथा उनके पतियों ने भाग लिया। बड़ी बात यह रही कि 14 महिला पार्षदों में केवल 2 महिला पार्षद नेहा मित्तल व ज्योति मैहता ही मीटिंग में आई। इसके अलावा अन्य महिला पार्षदों के स्थान पर उनके पति मीटिंग में आए। खास बात यह रही कि मीटिंग में उपप्रधान ने भी भाग नहीं लिया।
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वर्जन
शहर में समान रूप से विकास कार्य करवाए जा रहे हैं। कहीं कोई भेदभाव नहीं हो रहा। सभी पार्षद परिवार समान हैं। अगले शुक्रवार तक एमई ज्वाइन कर लेगें। इसके बाद पार्षदों की पाक्षिक बैठक बुलाई जाएगी, जहां उनकी सभी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। कुछ पार्षदों के टेंडर संबंधी आरोप हैं, इनकी जांच की जा रही है। अगर कोई ठेकेदार दोषी पाया जाता है तो उसको परिषद में काम नहीं दिया जाएगा।
दर्शन नागपाल, प्रधान, नगर परिषद फतेहाबाद।
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