अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। जीरो ओवरटाइम सिस्टम को लागू करना रोडवेज विभाग के अधिकारियों के जी का जंजाल बनता जा रहा है। अधिकारियों के भरसक प्रयास करने के बाद भी व्यवस्था वैसी नहीं बन पा रही है, जैसे की सरकार व विभाग ने आदेश दिए हुए हैं। विभाग के अधिकारी जैसे-जैसे नई व्यवस्था लागू कर रहे हैं, वैसे ही लोकल रूटों पर बसों के फेरे कम हो रहे हैं। जिससे आमजन को बस नहीं मिलने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
हालांकि नए सिस्टम को लागू करने के लिए अधिकारियों ने दफ्तरों में काम कर रहे 101 कर्मचारियों की ड्यूटी बसों में लगा दी लेकिन पीछे से दफ्तरों का काम प्रभावित होने लग गया। अब दफ्तरों के काम को सुचारू करने के लिए अधिकारियों ने बसों की चेकिंग करने वाले 37 इंस्पेक्टरों की ड्यूटी रोडवेज कार्यालय में लगाई है, लेकिन व्यवस्था फिर भी नहीं सुधर रही। क्योंकि अधिकांश इंस्पेक्टरों को कंप्यूटर का ज्ञान नहीं है, ऐसे में दफ्तरों की व्यवस्था लगातार ठप्प होती जा रही है और काम प्रभावित होने के कारण बसों के फेरे घट रहे हैं। जिससे आमजन को परेशानी आ रही है।
जिले में चेकिंग स्टाफ नहीं होने से परिचालकों में बढ़ेगी लापरवाही
विभाग के ओवरटाइम जीरो करने के आदेशों को लागू करने के लिए अधिकारियों ने पहले तो दफ्तरों में काम कर रहे चालकों व परिचालकों की बसों में ड्यूटी लगाई। लेकिन दफ्तरों का काम प्रभावित होने लगा तो फील्ड में बसों की चैकिंग करने वाले स्टाफ के इंस्पेक्टरों को दफ्तरों में लगा दिया गया है। ऐसे में अब जिले में बसों की चैकिंग नहीं हो पाएगी। बताया जा रहा है कि बसों की चैकिंग का भय ना होने से चालकों व परिचालकों में लापरवाही के मामले बढने की संभावना है, जिससे रोडवेज को भारी नुकसान हो सकता है।
गोरखपुर व हांसपुर रूट पर समय पर नहीं चली बसें, लोग परेशान
जीरो ओवरटाइम सिस्टम लागू होने के बाद लोकल रूटों पर बसों के फेरे कम हो गए हैं। वहीं दफ्तरों में कर्मचारी कम होने के कारण ड्यूटी लगाने का कार्य प्रभावित होने से लोकल रूटों पर बसें सही समय पर नहीं चल पा रही हैं जिससे लोगों को परेशानी हो रही है। चंडीगढ़ जाने के लिए बस का इंतजार कर रहे रिटायर्ड पुलिसकर्मी फकीरचंद ने बताया कि ओवरटाइम सिस्टम लागू होने के बाद से बसों के आने जाने में कमी आई है। जिस कारण लंबे रूट की बसों में भीड़ रहती है। फकीरचंद ने बताया कि उनका बेटा पंचकूलां नौकरी करता है, इसलिए उनका आना जाना लगा रहता है। उन्होंने बताया कि लंबे रूटों पर भीड़ का आलम यह है कि बस में सीट हासिल करने के लिए एक घंटा पहले बस स्टैंड आना पड़ता है। तब जाकर सीट मिलती है। फकीरचंद ने बताया कि पहले पंचकूला जाने में साढ़े चार घंटे का समय लगता था, लेकिन अब पंचकूला जाने में 6 घंटे लग जाते हैं।
वर्जन
पिछले एक घंटे से में गोरखपुर की बस का इंतजार कर रहा हूं लेकिन अभी तक हमारे गांव की बस नहीं चली है, इस बारे में तीन बार अधिकारियों से पूछ चुका हूं, लेकिन हर बार यह कहकर भेज देते हैं कि थोड़ी देर में चलने वाली है, लेकिन अभी तक बस नहीं चली है। सुल्तान सिंह, निवासी गोरखपुर
हांसपुर जाने वाले दो बुजुर्गों को नहीं मिली बस
जीरो ओवरटाइम लागू होने से लोकल रूटों पर बसों के फेर कम होन व सही रोटेशन लागू नहीं होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे ही बुजुर्ग जिन्हें गांव हांसपुर जाना था। बस के चलने का समय 2 बजे का था, लेकिन बस नहीं चली तो पता करने के लिए ड्यूटी सेक्शन में पहुंचे और बोले ‘हांसपुर वाली बस क्यों नहीं चली’ इस सवाल पर ड्यूटी सेक्शन में बैठे अधिकारी के पास उनकी बात का कोई जवाब नहीं था कि बस किस समय चलेगी।
पिछले दो महीने में बदले 4 जीएम, व्यवस्था बनाने में परेशानी
रोडवेज कर्मचारियों ने बताया कि फतेहाबाद में कम अंतराल के बाद ही जीएम का तबादला हो जाता है। जिस कारण नए अधिकारी को कामकाज संभालने में दिक्कत ढआती है और व्यवस्था फिर पटरी से उतर जाती है। पिछले दो महीनों में फतेहाबाद में चार जीएम के तबादले हो चुके हैं। दो महीने पूर्व धनराज कुंडू जीएम थे, उनके तबादले के बाद राहुल मित्तल को लगा दिया गया, लेकिन हड़ताल के दौरान व्यवस्था चरमराने से उनका तबादला कर दिया गया और शंभू राठी को जीएम लगाया गया। शंभू राठी का कुछ दिन के बाद ही तबादला कर दिया गया और अब जिला परिषद के सीईओ जयवीर यादव को जीएम का कार्यभार दिया गया है। कम समय में अधिकारियों को तबादला होना भी व्यवस्था पटरी से उतरने का कारण माना जा रहा है।
ज्वाइन ना करने वाले कर्मचारियों से मांगा जाएगा स्पष्टीकरण: टीएम कुलदीप
जीरो ओवरटाइम करने के लिए दफ्तरों में काम कर रहे रोडवेज के 101 चालकों व परिचालकों की ड्यूटी बसों में लगाई गई थी, लेकिन अभी तक केवल 50 ने ही ज्वाइन किया है, इस बारे में टीमए कुलदीप जांगड़ा ने बताया कि जिन कर्मचारियों ने आदेशों की पालना नही की है उनसे स्पष्टीकरण मांगा जाएगा, तथा इसके बाद उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही के लिए लिखा जाएगा। टीएम ने कहा कि हमारा प्रयास है कि विभाग के आदेशों की पालना करते हुए यह भी सुनिश्चित किया जाए की लोगों को परेशानी ना हो।