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लगातार चौथे दिन भी बढ़ा घग्गर का जलस्तर, चांदपुरा में घग्गर का जलस्तर हुआ 11 हजार 300 क्यूसिक रिकार्ड, बुधवार रात का उ मीद थी हो

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अमर उजाला ब्यूरो
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फतेहाबाद/रतिया। पिछले दिनों हिमाचल में हुई बरसात के कारण चौथे दिन भी जिले से गुजर रही घग्गर नदी में जलस्तर बढ़ता रहा। वीरवार को चांदपुरा साइफन में जलस्तर बढ़कर 11 हजार 500 क्यूसिक हो गया। जबकि गुहला चीका में 44 हजार 484 तथा खनौरी में 12 हजार 735 क्यूसिक बहाव दर्ज किया गया। हालांकि गुहला चीका में जलस्तर कम हुआ है, लेकिन यहां बढ़ने का सिलसिला जारी है। सिंचाई विभाग के अनुसार, शुक्रवार से यहां जलस्तर कम हो सकता है। उधर, रतिया में घग्गर के निचले क्षेत्र में किसानों द्वारा लगाई गई धान घग्गर के पानी से डूब गई।
22 से 24 सितंबर तक हुई तेज बरसात के बाद घग्गर नदी में जलस्तर बढ़ना आरंभ हो गया था। जाखल और रतिया एरिया से गुजर रही घग्गर के तटबंधों के किनारे पानी लग-लगकर पुल पार कर रहा है। हालांकि यहां तटबंधों को कोई नुकसान नहीं है। जबकि बुधवार देर रात को रतिया की ढाणी शेरगढ़ के पास घग्गर नदी के निचले क्षेत्र में लोगों द्वारा लगाई गई धान की फसल में घग्गर का पानी भर गया और यहां पर 3-4 एकड़ धान की फसल पानी में डूब गई। हालांकि इसका कोई ज्यादा नुकसान नहीं बताया जा रहा है। जबकि बुढ़लाडा रोड पुल पर जलस्तर बढ़कर 6 फुट से 7 फुट तक पहुंच गया।
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घग्गर नदी के किनारों का निरीक्षण किया
सिंचाई विभाग के अधिकारी, टोहाना व रतिया के एसडीएम, बीडीपीओ तथा नायब तहसीलदार ने बुधवार रात को स्वयं घग्गर नदी के किनारों का निरीक्षण किया और दावा किया कि अभी नदी के तटबंधों को कोई नुकसान नहीं है। सिंचाई विभाग के अधीक्षक अभियंता ओपी बिश्नोई ने बताया कि घग्गर का पानी ओवरफ्लो होने की स्थिति में रंगोई नाले में प्रवेश करता है, क्योंकि रंगोई नाला जमीनी लेवल पर बना हुआ है, इसलिए यहां पर बरसाती पानी के लिए इनलेट तथा बाढ़ के पानी के लिए आऊटलेट बनाए गए हैं। अब खतरे को देखते हुए दोनों को मिट्टी के कट्टों से भर दिया गया है। ज्यादा पानी आने की स्थिति में पानी आबादी की ओर ना जाकर खेतों की ओर जाएगा। सभी क्षेत्रों में मुनियादी करवाकर किसानों को जागृत रहने का आह्वान किया गया है। इसके अलावा जाखल के सभी 24 गांवों में आबादी के किनारे रिंग बांध बने हुए हैं। जिसके चलते अभी कोई खतरा नहीं है। रतिया के एसडीएम देवी लाल सिहाग ने बताया कि प्रशासन पूरी तरह सर्तक है। घग्गर के जलस्तर पर पूरी नजर रखी जा रही है। फिलहाल किसी भी प्रकार की बाढ़ की आशंका नहीं है।
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