फतेहाबाद।
जिला उपायुक्त हरदीप सिंह और मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी अंजू आर्य की मौजूदगी में नगर परिषद द्वारा जोर शोर से स्वच्छता एप का शुभारंभ किया गया, लेकिन एप शुरू होने के दस दिन बाद भी इस स्वच्छता एप का काम शुरू नहीं हो पाया है। दरअसल लोग तो धड़ाधड़ इस एप में गंदगी के फोटो डाल रहे हैं, लेकिन नगर परिषद और जिला परिषद के अधिकारी गंदगी की इन सूचनाओं को देख नहीं पा रहे हैं। वजह है स्वच्छता एप के सुपरविजन कोड का न आना। इसी कोड के जरिये नगर परिषद के अधिकारी स्वच्छता एप में आई गंदगी के फोटो देखकर संबंधित स्थान पर सफाई करवाते थे। चूंकि सुपरविजन कोड ना आने के चलते अधिकारी गंदगी की सूचना देख ही नहीं पा रहे तो गंदगी की समय रहते सफाई होनी तो दूर की बात है।
अभी भी एक से दो सप्ताह का लगेगा समय, तब तक दफ्तर आकर बतानी होगी समस्या
स्वच्छता एप का सुपरविजन कोड न आने के चलते लोगों को गंदगी से संबंधित समस्या के लिए पुराना तरीका ही अपनाना पड़ेगा। मसलन अगर वार्ड नंबर एक के किसी निवासी को वार्ड में गंदगी दिख रही है तो उसे नगर परिषद कार्यालय में आकर अपनी शिकायत दर्ज करानी होगी। नगर परिषद सूत्रों की मानें तो स्वच्छता एप के सिस्टम को सही ढंग से लागू करने में अभी भी एक से दो सप्ताह का समय लग सकेगा। तब तक लोगों को नगर परिषद कार्यालय में आकर ही अपनी सफाई संबंधी समस्या का समाधान करना होगा।
इस तरह काम करती है स्वच्छता एप
प्रदेश सरकार द्वारा लांच की गई स्वच्छता एप के जरिये जिले के आला अधिकारी शहर में कहीं भी पड़ी गंदगी की समस्या पर सीधा नजर रख सकते हैं। मसलन शहर के निवासी वार्ड नंबर 10 में किसी जगह पर गंदगी की फोटो खींचकर इस एप में अपलोड करेंगे तो सेनेटरी इंस्पेक्टर को उसका मैसेज जाएगा। इसके अलावा शहर के सफाई दरोगाओं में विभिन्न वार्ड वितरित किए गए हैं। जिस सफाई दरोगा के इलाके का वार्ड की समस्या होगी, उसके सफाई कर्मचारी मौके पर जाकर उस जगह की सफाई करेंगे और उसी एंगल से तस्वीर खींचकर वापस स्वच्छता एप में अपलोड करेंगे जिस एंगल से शिकायत की तस्वीर आई थी। जब ये सफाई वाली तस्वीर अपलोड होगी, तब स्वच्छता एप में उस शिकायत के आगे लाल बत्ती हरी हो जाएगी।
'स्वच्छता एप को सुचारु रूप से लागू किया जाएगा। शहर से गंदगी की समस्या को पूरी तरह दूर करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। स्वच्छता एप के सुपरविजन कोड आने में तकनीकी दिक्कत आ रही थी। जल्द ही वो दिक्कत दूर कर स्वच्छता एप को सुचारू किया जाएगा।’
अमन ढांडा, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद, फतेहाबाद।