अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद।
यूपी के गोरखपुर हादसे के बाद स्थानीय स्वास्थ्य विभाग भी अस्पताल में बुनियादी जरूरतों के प्रति अलर्ट हो गया है। शनिवार को अवकाश के बावजूद सिविल सर्जन डॉ. मुनीष बंसल ने सिविल अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल की सफाई व्यवस्था, बिजली व्यवस्था, और विभिन्न मशीनों की जांच की। जनाना वार्ड के बाहर स्थित ऑक्सीजन सिलेंडर रूम में सिविल सर्जन लगभग दस मिनट तक रुके और सभी सिलेंडरों की खुद जांच की। निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई सही ना मिलने पर उन्होंने संबंधित स्टाफ को फटकार भी लगाई।
निरीक्षण के दौरान सीएमओ डॉ. मनीष बंसल को साफ सफाई की काफी खामियां देखने को मिली। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात सफाई कर्मचारी एवं वार्ड इंचार्ज को इस मामले में और ध्यान से काम करने की नसीहत दी। इस दौरान सिविल सर्जन डॉ. बंसल डिलीवरी वार्ड में पहुंचे तो प्रसूताओं के परिजनों ने भी वार्ड के अंदर ही चारपाइयां डाल रखी थीं। डॉ. बंसल ने इस पर भी गहरी नाराजगी जताई और ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों को साफ तौर पर कहा कि इस तरह नवजातों में इंफेक्शन फैल सकता है। उन्होंने परिजनों को डिलीवरी रूम से बाहर रुकने को भी कहा। इसके अलावा उन्होंने अस्पताल एसएमओ डॉ. ओपी दहमीवाल को प्रसूताओं के लिए बेड उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इस मौके पर उन्होंने वार्ड के साथ लगते दो पुराने कमरों में दो-दो महिला मरीजों को शिफ्ट करने के भी आदेश जारी किए। ये दोनों कमरे पिछले लंबे समय से खाली पड़े थे। इसकी साफ-सफाई करवाने के लिए सफाई कर्मचारियों को कहा गया है।
अस्पताल में एंबुलेंस के लिए पुराने टोल-फ्री नंबरों के बोर्ड हटाने के भी निर्देश
सामान्य अस्पताल में औचक निरीक्षण के लिए पहुंचे सिविल सर्जन डा. मुनीष बंसल ने जिन एंबुलेंस पर अभी भी पुराना 102 नंबर लिखा हुआ है, उनको बदलवाने के निर्देश दिए। इसके अलावा डॉ. बंसल ने अस्पताल में जगह-जगह एंबुलेंस के लिए दर्शाए गए नंबर 102 की जगह 108 करने की भी हिदायत दी। इस दौरान साइन बोर्डों पर लगी मिट्टी को लेकर भी खिंचाई की।