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नप कर्मचारी तीन दिन के सामूहिक अवकाश पर, चरमराएगी सफाई व्यवस्था

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फतेहाबाद। तनख्वाह को लेकर नगर परिषद ईओ जितेंद्र सिंह और कर्मचारियों की बीच की खींचतान जारी है। दोनों पक्षों के बीच गतिरोध बुधवार को भी जारी रहा। नगर परिषद कर्मचारियों ने तनख्वाह न मिलने के चलते बुधवार को भी अपनी मांगों को लेकर रोष प्रदर्शन किया और साथ ही तीन दिन के सामूहिक अवकाश पर जाने का एलान कर दिया। सामूहिक अवकाश पर जाने वाले कर्मचारियों में सफाई कर्मचारी, क्लर्क और सेवादार शामिल हैं। इससे शहर की सफाई व्यवस्था चरमराने की आशंका है। हालांकि कुछ वरिष्ठ अधिकारियों की भी सैलरी होल्ड पर है, लेकिन अभी तक वह विरोध के मूड में नजर नहीं आ रहे हैं।
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बुधवार को नगरपालिका कर्मचारी संघ शाखा फतेहाबाद के पदाधिकारियों ने कार्यालय में नगर परिषद प्रशासन को अपनी मांगों को लेकर नोटिस दिया। इकाई प्रधान राजाराम टाक ने बताया कि कार्यालय शाखा के कर्मचारियों को वेतन न देने पर कर्मचारियों ने तीन दिन का सामूहिक अवकाश लिया है। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें समय पर वेतन नहीं दिया गया तो वे हड़ताल करने को मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि पहले भी नगर परिषद प्रशासन को नोटिस देते हुए 26 जून तक का अल्टीमेटम दिया था लेकिन प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई न करने पर नगरपरिषद कर्मचारियों द्वारा 27 जून को नगर परिषद प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया जाएगा। कर्मचारी नेता ओमप्रकाश लोट ने कहा कि कर्मचारियों के पास काम करने के लिए औजार नहीं है। रिक्शे, रेहड़ियां, वर्दी व अन्य सामान अभी तक उपलब्ध नहीं करवाया गया है, जिससे कर्मचारियों में रोष है। उन्होंने कहा कि अगर समय रहते कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो कर्मचारी आंदोलन पर मजबूर होंगे जिसकी जिम्मेवारी नगर परिषद प्रशासन की होगी। इस अवसर पर नरेश राणा, सत्यवान टाक, जगदीश आदिवाल, अशोक कुमार, जयप्रकाश, देवेंद्र नागपाल, राम सिंह, रामजी, हरपाल, लिपिक नवीन कुमार, प्रवीन कुमार, अजीत कुमार आदि मौजूद रहे।
पहले सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से कूड़े का ढेर बन गया था शहर
हालांकि अभी तक राहत की बात ये है कि ज्यादातर सफाई कर्मचारी अनुबंध आधार पर हैं और फिलहाल इन प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों के प्रदर्शन से दूरी बनाए हुए हैं। लेकिन अगर कही कर्मचारी संगठनों के दबाव में इन अनुबंधित कर्मचारी भी इस प्रदर्शन में शामिल हो गए तो आने वाले दिन फतेहाबाद शहर के लिए मुश्किल भरे हो सकते हैं। फतेहाबाद के सफाई कर्मचारियों में अधिकतर अनुबंध पर हैं और पिछली बार कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान फतेहाबाद शहर से कई दिनों तक कचरा नहीं उठा था जिसके कारण पूरा शहर कचरे का ढेर लगने लगा था। ऐसे में अगर ये गतिरोध समय रहते समाप्त नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में फतेहाबाद के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
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ईओ का तर्क, परिषद के फंड में नहीं है पैसा
दरअसल ये मामला हाउस टैक्स की धीमी रिकवरी के चलते बढ़ गया है। ईओ जितेंद्र प्रसाद का कहना है कि फतेहाबाद शहर में तकरीबन साढ़े 6 करोड़ का हाउस टैक्स लंबित है और नगर परिषद के कर्मचारी इस ओर गंभीर नहीं हैं। वे हाउस टैक्स रिकवरी के लिए कोई प्रयास नहीं कर रहे। ईओ का ये भी तर्क है कि फिलहाल नगर परिषद का फंड खाली है तो वे कैसे कर्मचारियों को तनख्वाह जारी कर दें। दूसरी ओर सामूहिक अवकाश पर गए कर्मचारियों ने ईओ की बात को खारिज करते हुए कहा कि एमसी फंड में वेतन देने के लिए बजट उपलब्ध है और अन्य सभी अनुबंधित कर्मचारियों व पार्षदों को वेतन दे दिया गया है। लेकिन ईओ जानबूझकर कुछेक कर्मचारियों को प्रताड़ित कर रहे हैं।
चंडीगढ़ हैं नप अध्यक्ष नागपाल, वीरवार को मध्यस्थता की उम्मीद
नगर परिषद ईओ व कर्मचारियों के बीच जारी विवाद में वीरवार को नप अध्यक्ष दर्शन नागपाल दखल दे सकते हैं। नागपाल बुधवार सांय तक सीएम से मुलाकात के लिए चंडीगढ़ थे। वीरवार वो नगर परिषद कार्यालय आएंगे। माना जा रहा है कि उनके आने के बाद वो दोनों पक्षों को बातचीत की टेबल पर ले आएंगे। उम्मीद जताई जा रही है कि नागपाल की मध्यस्थता के बाद हालात सुधर सकते हैं और ईओ व कर्मचारियों के बीच का गतिरोध समाप्त हो सकता है। खुद नगर परिषद अध्यक्ष दर्शन नागपाल ने इस बारे में बात करने पर कहा कि उन्हें इस मामले की जानकारी मिल गई है, वो खुद अभी चंडीगढ़ हैं और वीरवार को दोनों पक्षों से बात कर मामले को समाप्त किया जाएगा।
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