डीजीपी ने माना, पुलिस की कार्यशैली आम जनता के प्रति नहीं है सौहार्दपूर्ण
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। हरियाणा पुलिस के महानिदेशक बीएस संधू ने कहा कि सरकारी विभागों के तंत्र की छवि अच्छी नहीं है। जिस कारण पब्लिक का रुझान निजी सेवा प्रदत्त कंपनियों की ओर बढ़ने लगा है। इसी प्रकार सुरक्षा बलों की बजाए जनता निजी सुरक्षा एजेंसियों पर ज्यादा विश्वास कर रही है। ऐसे में अगर पुलिस कर्मचारियों ने अपनी शैली नहीं बदली तो वह दिन दूर नहीं, जब पुलिस महकमा भी निजीकरण की चपेट में आ जाएगा। बीएस संधू ने मंगलवार को पुलिस लाइन में डीएवी स्कूल के उद्घाटन के बाद यह बात कही।
उन्होंने कहा कि यह देखने को मिल रहा है कि पुलिस कर्मचारियों की कार्यशैली आम जनता के प्रति विश्वसनीय नहीं रही। पुलिस कर्मचारियों की वजह से ही निजी सुरक्षा एजेंसियों का प्रचलन बढ़ा है। लोग निजी सुरक्षा एजेंसियों पर विश्वास कर रहे हैं। मुख्य कारण है पुलिस कर्मचारियों द्वारा आम जनता की शिकायतों पर ध्यान न देना व उनसे अभद्र व्यवहार करना। पहले से परेशान जनता और परेशान हो जाती है। वही वजह है कि लोग पुलिस का विकल्प ढूंढने लगते हैं।
उन्होंने कहा कि हालात यही रहे तो पुलिस महकमे में भी निजीकरण हो जाएगा और पुलिस थानों व चौकियों में आउटसोर्स से भर्ती होने लगेगी। उन्होंने नसीहत दी कि पुलिस कर्मचारी आमजन से अच्छा व्यवहार करे, ताकि विभाग का अस्तित्व बना रहे, नहीं तो प्रतिस्पर्धा के चलते निजी कंपनियां यह बात कहने से बाज नहीं आएंगी, हम चलाकर दिखाते हैं थाने, कैसे नहीं होती पालना कानून की। डीजीपी ने कहा कि हर कर्मचारी को हर हालत में काम पर ध्यान देना चाहिए। जबकि यहां विपरीत हो रहा है। थोड़ी दूरी पर ही तबादला होने पर बड़े से बड़े अधिकारी भी अपने बच्चों की आड़ लेकर तबादला रुकवाने का प्रयास करते हैं। ताकि वह कहीं ओर जाकर न रहे। पुलिस कर्मी सेहत का ध्यान नहीं रखते, शराब पीने लगते हैं। उन्होंने कहा कि किसी कर्मचारी को दिक्कत परेशानी है तो वह अपनी ड्यूटी बदलवाए, अवकाश पर जाए और परिवार को समय दें, ना कि काम से पलायन करें।