अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। मानव अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों पर हो रहे हमलों के विरोध में नागरिक अधिकार मंच व अन्य जनसंगठनों के प्रतिनिधियों व प्रबुद्ध नागरिकों ने शहर में रोष मार्च निकाला। रोष मार्च की अध्यक्षता लॉयर्ज यूनियन के प्रधान देवीलाल एडवोकेट ने की व संचालन नागरिक अधिकार मंच के संयोजक मोहन लाल नारंग ने किया। विभिन्न जनसंगठनों के कार्यकर्ता लाल बत्ती चौक स्थित अम्बेडकर पार्क में एकत्रित हुए और वहां से रोष मार्च निकालते हुए बस स्टैंड, हंस मार्केट, फव्वारा चौक, थाना रोड स्थित शहीद उधम सिंह पार्क में पहुंचे। रोष मार्च के दौरान सामाजिक कार्यकर्ताओं ने विभिन्न नारों के साथ नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए सामाजिक कार्यकर्ताओं पर की जा रही कार्रवाई की निंदा की।
आंबेडकर पार्क में आयोजित रोष सभा को संबोधित करते हुए डॉ. सुभाष शर्मा, पूर्व प्रिंसिपल एमएम कॉलेज, हरनाम सिंह, भगवंत सेठी, देवीलाल एडवोकेट, शम्मी रत्ति, मोहन लाल नारंग, तजिन्द्र सिंह थिन्द, बेगराज, कर्मचारी नेता भूप सिंह भड़ोलांवाली, कमलेश वशिष्ठ एडवोकेट, मनदीप नथवान सहित अनेक वक्ताओं ने कहा कि आम जनता, हाशिये पर रह रहे वंचित तबकों, महिलाओं के शोषण व आर्थिक बदहाली की आवाज उठाने और संविधान के दायरे में इंसाफ की मांग करने वालों को देशद्रोही, आतंकवादी, नक्सलवादी जैसे आरोप लगाकर प्रताड़ित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि 28 अगस्त को बुद्धिजीवियों की गिरफ्तारी भाजपा के गढ़े हुए राष्ट्रवाद व बदहवासी को उजागर करती है। नोटबंदी के सच को छिपाने के लिए, पेट्रोल-डीजल की बेलगाम होती जा रही कीमतों को रोकने में विफलता, डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत में लगातार भारी गिरावट व कृषि की बर्बादी जैसे गंभीर मुद्दों से जनता का ध्यान हटाकर शहरी नक्सलवाल के शगूफे छोड़कर सामाजिक कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है।