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भूकंप बचाव के लिए 21 दिसंबर को होगी मॉक ड्रिल : डीसी-ᄋᄂ₩￧ᅦU￙￰¢₩￙

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- अतिरिक्त मुख्य सचिव के. आनंद अरोड़ा व एनडीएमए (राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण) के वरिष्ठ सलाहकार ने प्रदेश भर के अधिकारियों की ली बैठक
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अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। भूकंप जैसी आपदाओं से बचने के लिए प्रदेश के सभी 22 जिलों में 21 दिसंबर को मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा। बुधवार को लघु सचिवालय स्थित एनआईसी के विडियो कॉन्फ्रेंस रूम में हरियाणा की अतिरिक्त मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा व एनडीएमए (राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण) के वरिष्ठ सलाहकार मेजर जनरल वीके दत्ता के साथ जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों की विडियो कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी। वीडियो कॉन्फ्रेंस में उपायुक्त डॉ. यश गर्ग ने दी। इस दौरान मंडलायुक्त चन्द्र प्रकाश, पुलिस अधीक्षक पंकज नैन, निगमायुक्त प्रदीप डागर व अन्य लोग मौजूद रहे।
हरियाणा की अतिरिक्त मुख्य सचिव के. आनंद अरोड़ा व एनडीएमए के वरिष्ठ सलाहकार मेजर जनरल वीके दत्ता ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि मॉक ड्रिल को सफलतापूर्वक संपन्न करने के लिए 9 दिसंबर को कॉर्डिनेशन मीटिंग, 20 दिसंबर को टेबल टॉक एक्सरसाइज की जाए। उन्होंने कहा कि मॉक ड्रिल के लिए सभी जिलों में एमरजेंसी ऑपरेशन रूम बनाया जाए जहां समुचित संचार प्रणाली उपलब्ध हो। यह आपदा से निपटने के लिए एक प्रशिक्षण गतिविधि है और इसके प्रति आमजन को भी जानकारी होनी चाहिए।
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उच्चाधिकारियों ने बताया कि भूकंप जैसी त्रासदी के दौरान राहत कार्यों में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है, क्योंकि भूकंप में संचार तंत्र, बिजली व्यवस्था और परिवहन व आजमन की सुविधाएं ठप हो जाती हैं। भूकंप के दौरान बचाव के लिए पूर्व तैयारी करना जरूरी है।
भूकंप के बाद राहत व बचाव के लिए प्रशासन व सभी विभागों को एक साथ मिलकर आपसी समन्वय के साथ काम करना होता है, ताकि जान-माल का बचाव किया जा सके। उन्होंने कहा कि सभी विभाग अपने संसाधनों को अपडेट रखें व हर विभाग अपना एक आपदा प्रबंधन नोडल ऑफिसर नियुक्त करें जो अन्य सभी मॉक ड्रिल की कार्यवाही के लिए विभाग की तैयारियों को सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि अपने स्तर पर चिकित्सक टीमों का गठन करें तथा प्राईवेट हस्पतालों को भी इसमें शामिल कर आपदा प्रबंधन की तैयारियां सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि आपदा में सामूहिक टास्क फोर्स बनाई जाए, जिसमें सेना, जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, फायर ब्रिगेड, सिविल डिफेंस, होम गार्ड, निजी अस्पताल, सामाजिक संगठन व गैर सरकारी संगठन के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाए। इसके अलावा मॉक ड्रिल से पहले जिला प्रशासन के पास उपलब्ध संसाधनों, जैसे जेसीबी, ट्रैक्टर, बचाव वाहनों व अन्य उपकरणों की जानकारी व संपर्क सूत्र होने भी जरूरी है ताकि आपदा के समय इनका इस्तेमाल किया जा सके।
उपायुक्त डॉ. यश गर्ग ने उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया कि 21 दिसंबर को जिला में विभिन्न जगहों पर मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी, जिनमें सभी विभागों को अपने अपने कार्य क्षेत्र अनुसार बचाव प्रबंधन का कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर आपातकालीन ऑप्रेशन केंद्र का गठन किया जाएगा, जहां मॉक ड्रिल के दौरान सभी विभागों की रिपोर्ट ली जाएगी।
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रोहतक में भी महसूस किए गए झटके

रोहतक। रात आठ बजकर 50 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस कि या गया। इस दौरान बहुत से लोग बाहर इसके कारण उन्हें पता नहीं चला। जो लाग घर में बैठे हुए थे उन्होंने झटके महसूस किए। सेक्टर 1 की रहने वाली सुनीता कहती है कि वह ड्राइंग रूम में बैठी थी अचानक पंखा हिलने लगा। उनके बगल में बैठी उनकी छोटी बहन ने बताया कि कहीं भूकंप तो नहीं आया है।
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