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फतेहाबाद में परमाणु संयंत्र लगा तो हो सकते हैं फुकुशिमा जैसे हालात: पूनिया

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गोरखपुर में लगने वाले परमाणु संयंत्र का किया विरोध
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। जापान के फुकुशिमा में वर्ष 2011 में आए भूकंप के कारण परमाणु संयंत्र हादसे की 8वीं बरसी पर रविवार को परमाणु संयंत्र विरोधी मोर्चा जनहित ने लालबत्ती चौक पर सांकेतिक धरना दिया। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष पुनिया व मौजूद अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं ने एक बार फिर फतेहाबाद के गोरखपुर में लगने वाले परमाणु संयंत्र का विरोध किया व इस परियोजना को तुरंत बंद करने की मांग की। इस अवसर पर सुभाष पुनिया ने कहा कि जब जापान जैसे उच्च तकनीक वाले देश भी भूकंप के बाद परमाणु संयंत्र को नियंत्रित नहीं कर पाए तो हरियाणा जैसे छोटे से राज्य में सरकार इस परमाणु संयंत्र पर नियंत्रण की बात कैसे कह सकती है। उन्होंने बताया कि फुकुशिमा हादसे के बाद आज भी वहां पर रेडियेशन लगातार निकल रही है और जापान की सरकार इसे रोकने में असफल रही है। उन्होंने कहा कि अगर फतेहाबाद में परमाणु संयंत्र लगता है और भविष्य में फुकुशिमा जैसा हादसा हो सकता है जिससे फतेहाबाद ही नहीं बल्कि देश की राजधानी दिल्ली व हरियाणा की राजधानी चंडीगढ़ भी इसकी चपेट में आ जाएगी। ऐसे में गोरखपुर संयंत्र से होने वाले ऐसे संभावित खतरों से अवगत होते हुए भी सरकार यहां संयंत्र लगाए जाने पर अडिग है, जिससे साफ है कि सरकार को आमजन की जान माल की कोई चिंता नहीं है। इस अवसर पर प्रदेश संयोजक प्रदीप चौधरी ने बताया कि गोरखपुर में जो परमाणु संयंत्र लगाया जा रहा है उसके लिए पानी की अत्यधिक मात्रा में आवश्यकता होगी। यह लोग गोरखपुर नहर से पानी लेंगे, जिससे किसानों के पानी में भी कटौती होगी। अगर नहर बंद होती है तो खतरा अधिक बढ़ जाएगा। इस अवसर पर राकेश कंबोज, संतराम नंबरदार, मिंटू, रमन भिरडाना, सुखदेव गुर्जर, मनसूख खरैती, सुनील पुनिया, रमेश कुमार, ललित चुघ, अमित व डॉ. राजेंद्र शर्मा सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद थे।
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