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महिला समिति ने की क्रेच वर्कर्स व हैल्पर्स की नौकरी बहाली करने की मांग, नगराधीश को सौंपा ज्ञापन

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महिला समिति ने की क्रेच वर्कर्स और हेल्पर्स की नौकरी बहाली करने की मांग
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति ने प्रदेश सरकार से हरियाणा में आंदोलनरत क्रेच वर्कर्स एवं हेल्पर्स की नौकरी बहाल करने और नए क्रोच खोलने की मांग की है। इसको लेकर महिला समिति का प्रतिनिधिमंडल बुधवार को जिला प्रधान सुनीता जांडली व जिला सचिव जसवंत कौर के नेतृत्व में नगराधीश से मिला और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर पूनम, कमलेश, कलावती, जागीर कौर, जितेंद्र कौर, चंद्रो, अमीना सहित महिला समिति की अनेक सदस्य मौजूद रही।
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महिला समिति की जिला प्रधान सुनीता जांडली ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा राजीव गांधी राष्ट्रीय क्रेच योजना के तहत देशभर में क्रेच केंद्र चलाए जा रहे हैं। इन केंद्रों में कामकाजी महिलाएं निश्चिंत होकर अपने बच्चों को छोड़कर काम पर जा सकती है। उन्होंने बताया कि 31 दिसंबर 2017 को राज्य में 463 क्रेच काम कर रहे थे जिनमें 900 से ज्यादा क्रेच वर्कर्स एवं हेल्पर्स कार्यरत रही। 1 जनवरी 2018 को प्रदेश सरकार ने क्रेच केंद्रों को आईसीडीएस में समायोजित कर दिया। इसके बाद विभाग ने सर्वे करवाकर केवल 102 केंद्रों को चालू अवस्था में दिखाकर बाकी को बंद बता दिया और वर्कर्स एवं हेल्पर्स को नौकरी से निकाल दिया गया जोकि सरासर गलत है। जिला सचिव जसवंत कौर ने कहा कि क्रेच वर्कर्स एवं हेल्पर्स 6 अगस्त 2018 से केंद्र खुलवाने व नौकरी बहाली की मांग को लेकर महिला एवं बाल विकास विभाग के मंत्री के गृह क्षेत्र सोनीपत में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठी हैं। 6 महीने का समय बीत जाने के बावजूद अभी तक सरकार ने इनकी सुध नहीं ली है जिससे महिलाओं में भारी रोष है। उन्होंने कहा कि राज्य में कामकाजी महिलाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है ऐसे में क्रेचों को बंद करने की बजाय इनकी संख्या बढ़ाई जानी चाहिए। जनवादी महिला समिति ने सीएम को ज्ञापन भेजकर क्रेच वर्कर्स एवं हेल्पर्स की नौकरी बहाल करने और प्रदेश में नए क्रेच खोले जाने की मांग की है।
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