फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तीन दिवसीय गीता जयंती समारोह का हुआ समापन,अंतिम दिन निकाली गई शोभायात्रा

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

फतेहाबाद। पंचायत भवन में पिछले तीन दिनों से चल रहे जिला स्तरीय गीता जयंती महोत्सव का मंगलवार देर शाम को समापन हो गया। अंतिम दिन डीसी डा. जेके आभीर ने मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की। उन्होंने विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। दोपहर को गीता जयंती की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। यह यात्रा स्थानीय पंचायत भवन से होते हुए जीटी रोड, लाल बत्ती चौक, फव्वारा चौक, थाना रोड, जवाहर चौक, डीएसपी रोड से होते हुए वापस पंचायत भवन में पहुंची। इस दौरान विभिन्न सामाजिक संस्थाओं द्वारा पालकी एवं शोभा यात्रा का स्वागत किया गया। सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के कलाकारों सहित स्कूली बच्चों व अन्य कलाकारों ने श्लोकोच्चारण करते हुए अपनी प्रस्तुति दी। देर शाम को गीता जयंती के अंतिम सत्र में सांस्कृतिक संध्या एवं पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया। जिसमें मुख्यातिथि उपायुक्त डा. जेके आभीर कार्यक्रम में प्रस्तुति देने वाले विभिन्न स्कूली बच्चों, विभिन्न विभागों के अधिकारियों सहित अन्य नागरिकों को सम्मानित किया।
विज्ञापन

अपने संबोधन में डीसी डा. आभीर ने कहा कि गीता इस महान देश की गौरवमयी विरासत और धरोहर है और जन-जन के मन में इसका गौरव पैदा करने के लिए ही राज्य सरकार ने लगातार चौथी बार पूरे प्रदेश में गीता महोत्सव का आयोजन किया है। उन्होंने ने कहा कि भारत में अनेक ग्रंथ है। सभी ग्रंथ और धर्मों में जीवन को सफल बनाने तथा किस प्रकार से मोक्ष प्राप्त किया जाए, इसका वर्णन किया गया है। सभी ग्रंथों को आधार गीता सार से ही मिला है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से इंद्रियों को वश में करके परमात्मा को प्राप्त किया जा सकता है, उसी प्रकार से समाज के हर वर्गों के उत्थान के लिए या उन्हें उसका उचित न्याय दिलाने के लिए एकात्म मानव दर्शन सिद्धांत काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के मुख से निकली गीता ग्रंथ में केवल ज्ञान ही नहीं बल्कि विज्ञान भी है। किसी भी देश, धर्म, समुदाय या क्षेत्र का लेखक, वैज्ञानिक अथवा धर्मगुरु गीता के महत्व को नकार नहीं सका है। डीसी ने कहा कि गीता हमें कर्म के संदेश के माध्यम से बहुत बड़ा ज्ञान देती है जिसमें फल की चिंता न करने की बात कहकर लक्ष्य के प्रति एकाग्रचित्त होने का आह्वान किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें