फतेहाबाद। इस साल प्रदेश के 31 सरकारी कॉलेजों में उच्चतर शिक्षा विभाग विद्यार्थियों को स्मार्ट क्लासेस का तोहफा देने जा रहा है। इसमें अध्यापक रूटीन ब्लैक बोर्ड की बजाए डिजिटल तरीके से शिक्षा देते नजर आएंगे। इसकी सूची में फतेहाबाद जिले से टोहाना के इंदिरा गांधी राजकीय महाविद्यालय को भी चुना गया है। इंदिरा गांधी राजकीय महाविद्यालय के कार्यकारी प्रिंसिपल विकास आनंद ने इसकी पुष्टि की है।
उच्चतर शिक्षा विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इसी सत्र से कॉलेज प्रबंधकों को विद्यार्थियों को स्मार्ट क्लासेस की तैयारियां शुरू करने के निर्देश दे दिए गए हैं। इस नई पहल में पहले सत्र में काूलेज प्रबंधन और उच्चतर शिक्षा विभाग मिलकर स्मार्ट कक्षाएं बनाएंगे। मिली जानकारी के अनुसार प्रत्येक कालेज में दस कक्षाओं को स्मार्ट कक्षाओं का दर्जा दिया जाएगा। इसमें से छह कक्षाएं कालेज प्रबंधन की ओर से विकसित की जाएंगी जबकि बाकी चार कक्षाओं के लिए उच्चतर शिक्षा विभाग ग्रांट जारी करेगा। कालेजों में इस सत्र की कक्षाएं शुरू करने से पहले ही ये कक्षाएं बनकर तैयार की जाएंगी।
कक्षाओं से हटेंगे रूटीन ब्लैक बोर्ड, जगह लेंगे इंटेरेक्टिव बोर्ड और इंटरनेट
उच्चतर शिक्षा विभाग की ओर से की गई इस नई पहल में जिन कक्षाओं को स्मार्ट क्लासेस का दर्जा दिया जाएगा, उनमें रूटीन ब्लैक बोर्ड की जगह पर इंटेरेक्टिव बोर्ड, इंटरनेट व कैमरों का इस्तेमाल स्मार्ट क्लासेस के लिए किया जाएगा। विद्यार्थियों को इनकी मदद से ही शिक्षा दी जाएगी। सरकारी कॉलेज प्रबंधन ने स्मार्ट क्लासेस के लिए क्या तैयारियां की हैं, इसके लिए जुलाई के प्रथम सप्ताह में उच्चतर शिक्षा विभाग के अधिकारी प्रदेश के सभी 31 कॉलेजों में निरीक्षण करने पहुंचेंगे।
वर्जन
उच्चतर शिक्षा विभाग की ओर से आदेश आए हैं कि इस सत्र से बच्चों को स्मार्ट क्लासेस के जरिये शिक्षा दी जाएगी। इसके लिए रूटीन ब्लैक बोर्ड की बजाए इंटेरेक्टिव बोर्ड, इंटरनेट आदि की मदद से कॉलेज में दस स्मार्ट क्लासेस शुरू की जानी हैं। कॉलेज प्रबंधन छह कक्षाओं में व्यवस्था करेगा और बाकी चार कक्षाओं में विभाग की ओर से व्यवस्था लागू की जाएगी।
- विकास आनंद, कार्यवाहक प्राचार्य, इंदिरा गांधी राजकीय महाविद्यालय टोहाना।