अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद।
जिले के चार गांवों के सरपंचों की शैक्षणिक योग्यता को लेकर चल रहा मामला बुधवार को फिर से भड़क उठा। गांव दैयड़, बैजलपुर, नहला और रूपांवाली आदि गांवों के सैकड़ों लोगों ने इन सभी सरपंचों की बर्खास्तगी की मांग को लेकर शहर भर में रोष मार्च किया और लघु सचिवालय में डीसी दफ्तर के सामने प्रदर्शन किया। इस दौरान ग्रामीणों ने लघु सचिवालय में नारेबाजी करते हुए उपायुक्त हरदीप सिंह पर भी इस मामले को लटकाने के आरोप जड़े। ग्रामीणों ने प्रदर्शन के बाद अतिरिक्त उपायुक्त डा. जेके आभीर को ज्ञापन भी सौंपा और सरपंचों को जल्द बर्खास्त करने की मांग रखी।
प्रदर्शनकारी ग्रामीणों का आरोप था कि शैक्षणिक योग्यता पूरी न होने के चलते की गई शिकायतों के बाद अब चार गांवों के सरपंचों का मामला डीसी कोर्ट में है, लेकिन डीसी अपना निर्णय देने की बजाय उन्हें लगातार तारीखें दे रहे हैं। गांव दैयड़ के रोहताश कुमार प्रधान, राजेंद्र सूच, धर्मपाल सूच, ओम नंबरदार, मौलूराम, रणबीर, जयबीर, पृथ्वीराम, राजेश, पूर्व सरपंच बलवान चाहर, सजबीर, राजपाल पूनिया आदि ने बताया कि उन्होंने गांव दैयड़ की सरपंच की शैक्षणिक योग्यता को लेकर 20 जनवरी 2016 को डीसी को शिकायत की थी। इसके बाद मामले की जांच आरंभ हो गई थी। उन्होंने बताया कि इसके बाद डीसी ने 22 सितंबर 2016 को सरपंच को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। लेकिन सरपंच कोर्ट से स्टे ले आई।
ग्रामीणों ने बताया कि 10 अगस्त 2017 को इस मामले से कोर्ट में स्टे हट गया था और एक बार फिर मामले की जांच डीसी कोर्ट में आ गई। उन्होंने कहा कि उन्होंने सरपंच की शैक्षणिक योग्यता से संबंधित सभी दस्तावेज प्रशासन को मुहैया करवा दिए हैं, लेकिन अभी तक इस मामले में फैसला नहीं सुनाया जा रहा। उनको बार-बार तारीखें दी जा रही हैं और वह परेशान हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह आर्डर तीन तारीख पहले हो जाना था, लेकिन उनको तीनों बार अगली तारीख दे दी गई। शुक्रवार को इस मामले में फैसला होना था, लेकिन डीसी ने एक बार फिर उनको 12 जनवरी की तारीख दे दी है।