विकलांग व्यक्तियों की बोगी पर आरपीएफ जवानों का कब्जा
भट्टूकलां।
रक्षक ही भक्षक बने तो विकलांग तो क्या आम आदमी भी परेशानी में डल जाता है। ऐसे में पीडित व्यक्ति अपनी गुहार कहां लगाए, ताकि उन्हें न्याय मिल सके। जी हां ऐसा ही वाक्या भटिंडा से दिल्ली जाने वाली किसान एक्सप्रेस टे्रन के विकलांग बोगी में आरपीएफ (रेलवे सुरक्षा बल) के जवान खिड़की बंद कर कुंभकर्णी नींद सो जाते है। जिस कारण विकलांग यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। प्रत्येक गाड़ी में रेलवे विभाग की ओर से भिन्न क्षमता वाले विकलांगों के लिए डिब्बे आरक्षित किए हुए है। उन डिब्बों में जहां अन्य कोई आम आदमी बैठ कर यात्रा नही कर सकता। परंतु आरपीएफ के जवान सरेआम विभाग को ठेंगा दिखाकर कानून की धज्जियां उड़ा रहे हैं। घटना के अनुसार हर शुक्रवार को किसान एक्सप्रेस जोकि भटिंडा से चलकर दिल्ली जाती है इस ट्रेन में भटिंडा से आरपीएफ के जवान विकलांग बोगी की खिड़की बंद कर सो जाते हैं। जिस पर विकलांग यात्री उसे खोलने का काफी प्रयास करते है परंतु जब खिड़की नही खुलती तो मजबूरी वंश उन्हें भीड़ भरे अन्य डिब्बे में चढ़ना पड़ता है। जिस कारण कई बार विकलांगों को दुर्घटना का शिकार भी होना पड़ता है। विकलांग यात्री वकील सोनी ने भट्टूकलां रेलवे स्टेशन पर मीडिया को बताया कि वो सिरसा से इस ट्रेन में चढ़ा था। उसने विकलांग आरक्षित बोगी की खिड़की को खोलने का काफी प्रयास किया। जोकि आरपीएफ के जवानों ने अंदर से बंद कर रखी थी। उन्होंने उसे खोलने की कोई जहमत नही उठाई। जिस कारण उसे मजबूरी वंश अन्य डिब्बे में बैठना पड़ा। इस बारे में केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के इंस्पेक्टर विकास कुमार से बात की तो उन्होंने कहा कि ये विकलांग व्यक्तियों के साथ हो रही ज्यादती वाकई काफी संगीन मामला है। इस पर गंभीरता से कार्रवाई की जाएगी। अगर कोई दोषी पाया गया तो उसे किसी कीमत पर बख्सा नहीं जाएगा।