ग्रामीणों ने गांव नहला की महिला सरपंच को बर्खास्त करने की मांग की
फतेहाबाद।
शैक्षणिक योग्यता में फर्जीवाड़े के आरोपों का सामना कर रही गांव नहला की महिला सरपंच का मामला तूल पकड़ता नजर आ रहा है। शुक्रवार को गांव नहला के अनेकों ग्रामीण उपायुक्त डॉ. जेके आभीर से मिलने पहुंचे और गांव की महिला सरपंच नीलम रानी को बर्खास्त करने की मांग रखी। डीसी डॉ. आभीर ने इस मामले में ग्रामीणों को तो जल्द कार्रवाई करने का भरोसा दिया, लेकिन मीडिया के सवालों से वो लगातार बच रहे हैं। शुक्रवार को इस संदर्भ में फोन करने पर उन्होंने फोन ही नहीं उठाया। गौरतलब है कि गांव नहला की सरपंच नीलम रानी ने पंचायत चुनावों में खुद को दसवीं पास बताया था, लेकिन उनके चयन के बाद किसी ने उनके खिलाफ शिकायत दे दी। इसके बाद डीडीपीओ राजेश खोथ की जांच में भी उक्त महिला सरपंच की शैक्षणिक योग्यता पूरी नहीं पाई गई थी। नियमानुसार डीसी के सामने महिला सरपंच की व्यक्तिगत पेशी के बाद ही उपायुक्त ऐसे मामलों में सरपंच को निलंबित करते हैं। लेकिन नहला की सरपंच नीलम रानी ने उपायुक्त के सामने व्यक्तिगत पेशी से बचते हुए पहले पंचायत विभाग की वित्त सचिव और बाद में हाईकोर्ट में जाकर व्यक्तिगत पेशी पर स्टे ले लिया। लेकिन पिछले दिनों हाईकोर्ट ने महिला सरपंच नीलम रानी की व्यक्तिगत पेशी पर से स्टे हटा लिया। अब महिला सरपंच नीलम रानी की उपायुक्त के सामने पेशी हो चुकी है लेकिन इस मामले में उपायुक्त का अंतिम फैसला आना अभी बाकी है। इसी फैसले को जल्द देने की मांग शुक्रवार को डीसी से मिलने पहुंचे ग्रामीणों ने भी की।