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140 संदिग्ध दिव्यांग प्रमाणपत्र और मिले, जांच का समय सात दिन और बढ़ा

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फतेहाबाद का सिविल सर्जन कार्यालय। - फोटो : Fatehabad
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फतेहाबाद। सिविल सर्जन कार्यालय द्वारा फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी करने के मामले में जांच कमेटी के सामने चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। सोमवार को भी 140 संदिग्ध दिव्यांग प्रमाणपत्र सामने आए हैं। कमेटी को अब तक करीब 180 संदिग्ध दिव्यांग प्रमाण पत्र मिल चुके हैं। कई दिव्यांग प्रमाण पत्र में पोर्टल पर असेसमेंट शीट नहीं है तो किसी में फर्जी असेसमेंट शीट अपलोड की गई है। इसके अलावा कई असेसमेंट शीट में कटिंग भी की गई है। हालांकि अभी तक मामले में अधिकारी कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।
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बता दें कि जांच प्रक्रिया लंबी होने के चलते कमेटी ने सिविल सर्जन डॉ. सपना गहलावत से सात दिन का समय और मांगा है। सीएमओ ने जांच कमेटी का समय सात दिन बढ़ा दिया है। पहले सिविल सर्जन ने कमेटी को मामले की जांच करके 10 दिन रिपोर्ट मांगी थी। मामले में छह डाक्टरों की कमेटी बनाई गई है। इसमें विशेषज्ञ भी शामिल है। दिव्यांग प्रमाण पत्र को वर्ष 2019 में ऑनलाइन किया गया था। इसके बाद से इसमें गड़बड़ी शुरू हुई। अब दिव्यांग प्रमाण पत्र में फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद सिविल सर्जन डॉ. सपना गहलावत मामले की जांच करवा रही हैं। छह डॉक्टरों की टीम वर्ष 2019 से अब तक बने दिव्यांग प्रमाण पत्रों की जांच कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि जांच कमेटी जनवरी 2021 से अब तक के दिव्यांग प्रमाण पत्रों की जांच कर रही है।
ऐसे सामने आया फर्जीवाड़ा
स्वास्थ्य विभाग के पास दिव्यांग प्रमाण पत्रों की वेरिफिकेशन आई हुई है। इसको लेकर वेरिफिकेशन चल रही है। पिछले दिनों सिविल सर्जन डॉ. सपना गहलावत ने बताया था कि मनोचिकित्सक डॉ. गिरीश ही फर्जीवाड़ा के मुद्दे को सामने लेकर आए हैं। उन्होंने ही बताया था कि उनकी ओपीडी में केस नहीं आया है और इसके बावजूद दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया। इसके अलावा एक अन्य केस में 50 प्रतिशत दिव्यांग बताया गया लेकिन, उसकी जगह 100 फीसदी का दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया। पोर्टल पर असेसमेंट शीट ही अपलोड नहीं की गई।
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कोट
दिव्यांग प्रमाणपत्र मामले की अभी जांच चल रही है। कमेटी ने जांच के लिए सात दिन का और समय मांगा है। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
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-डॉ. सपना गहलावत, सिविल सर्जन
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