रतिया (फतेहाबाद)। एसडीजेएम संतोष बागोटिया की अदालत के आदेश पर रतिया पुलिस ने कनाडा भेजने के नाम पर युवक से जालसाजी करने के मामले में आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। आरोपी मूलरूप से पंजाब के बुढलाडा का निवासी है, जबकि फिलहाल लुधियाना में रहता है।
अदालत में दी याचिका में रतिया के वार्ड नंबर सात निवासी राजेंद्र कुमार ने बताया कि उसका बेटा सतविंद्र 12वीं नॉन मेडिकल पास है और स्टील व कारपेंटर का काम करता है। उसका रिश्तेदार तरसेम सिंह पत्थर का मिस्त्री है। उसने 2020 में दिगोह निवासी परमजीत सिंह की कोठी पर पत्थर लगाने का काम किया था। शिकायतकर्ता के अनुसार परमजीत ने तरसेम को बताया कि उनका मूलरूप से बुढलाडा निवासी रिश्तेदार मनदीप सिंह जो फिलहाल पटियाला रहता है, वह बच्चों को गारंटर के तौर पर विदेश भेजता है। मनदीप दिगोह आया तो तरसेम ने उसे इस बारे में बताया। उसने बताया कि 9 सितंबर 2020 को मनदीप उसकी दुकान पर आया और उससे कहा कि उसके बेटे को दो साल के वर्क परमिट पर कनाडा भिजवा देगा, जिसके 22 लाख रुपये लगेंगे और समय तीन महीने लगेगा। उसे 11 लाख रुपये वीजा लगने से पहले और 11 लाख रुपये वीजा के बाद देने हैं। उसने 10 सितंबर को 11 लाख का चेक आरोपी को दे दिया।
इसके बाद व्हाट्सएप द्वारा उससे संपर्क करते रहे, लेकिन वह लॉकडाउन का बहाना बनाकर टालता रहा। वह आरोपी के बुढलाडा के गांव बरे स्थित घर और पटियाला के पते पर कई बार गए। उनके अनुसार 5 मई 2022 को चंडीगढ़ में बायोमेट्रिक करवाया और इसकी एवज में 30 हजार रुपये ले लिए। 20 नवंबर को उन्हें कहा गया कि बेटे का टूरिस्ट वीजा लग सकता है, वर्क वीजा नहीं लगेगा, इसके लिए 3 लाख रुपये और मांगे गए। आरोप है कि दबाव में आकर उन्होंने 2 लाख 70 हजार रुपये और दे दिए। अब उनका फोन उठाना बंद कर दिया। उसने उससे कई बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। इसकी शिकायत उसने पुलिस को भी दी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद शिकायतकर्ता ने अदालत की शरण ली। अदालत ने याचिका के आधार पर पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए, तब जाकर शहर थाना पुलिस ने मनदीप पर धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज किया है।
अदालत के आदेश पर आरोपी मनदीप के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। अभी जांच जारी है।
जयसिंह, प्रभारी, शहर थाना रतिया