अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद।
बोतलबंद बोतलों में प्लास्टिक के कण मिलने की सूचना के बाद फतेहाबाद में स्वास्थ्य विभाग भी सजग हो गया है। शनिवार को स्वास्थ्य विभाग के फूड इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह पूनियां के नेतृत्व में विभिन्न टीमों ने जिले भर में मिलावटी व नकली खाद्य एवं पेय पदार्थ बेचने वालों के खिलाफ अभियान छेड़ा। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने शनिवार को शहर में कई जगह छापेमारी की और बोतलबंद पानी व अन्य पेय पदार्थों के सैंपल भरे गए।
सैंपलों को जांच के लिए लैब में भेजा गया है। लैब से जांच रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में आगामी कार्रवाई करने की बात फूड इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह पूनियां ने कही है। विभाग की इस कार्रवाई से शहर में दुकानदारों में हड़कंप मचा है क्योंकि ऐसा पहली बार हो रहा है कि विभाग औपचारिक रूप से बोतलबंद पानी के भी सैंपल ले रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य विभाग के इंस्पेक्टर सुरेंद्र पूनिया के नेतृत्व में शनिवार को रतिया चुंगी और डीएसपी रोड पर तथा जिलेभर में अन्य स्थानों पर भी छापेमारी की गई। फतेहाबाद में बोतल बंद पानी और फरूटी इत्यादि के सैंपल भरे गए। सुरेंद्र पूनिया ने बताया कि विभाग के आदेश के बाद शनिवार को टीम गठित कर जिलेभर में अभियान चलाया गया है। मिस ब्रांड पेयजल बोतलों में बिकने वाले पानी के धंधे पर नकेल कसी जा रही है। उन्होंने बताया कि गर्मी के सीजन में मिलावट के सामान और पेय पदार्थ खूब बेचे जाते हैं, इसलिए अभी से अभियान शुरू कर दिया गया है, जो आगे भी जारी रहेगा। गौरतलब है कि बीते दिन चौकाने वाला सर्वे सामने आया था, जिसमें बताया गया कि दुनियाभर के कई देशों के नामी ब्रांडों के पेयजल में बोतलें के प्लास्टिक के कण मिले हैं। देश के मुम्बई, चेन्नई जैसे बड़े शहरों से बिसलरी, एक्वाफिना जैसे ब्रांडों के पानी के सैंपल लिए गए थे। यह बात स्तब्ध करने वाली है कि जिस पानी को मिनरल और सुरक्षित समझकर लोग पी रहे हैं, उसमें कैंसरकारक प्लास्टिक के कण मिले हुए हैं।
रोजाना हो सकती है बोतलबंद पेयजल की सैंपलिंग
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों की मानें तो बोतलबंद पेयजल पर लगातार सख्ती की जा सकती है। नाम ना छापने की शर्त पर विभाग के कर्मचारियों ने बताया कि बोतलबंद पेयजल के खिलाफ लगातार सैंपलिंग के आदेश आए हैं। ऐसे में विभाग की प्लानिंग रोजाना बोतलबंद पेयजल के सैंपल लिए जा सकते हैं। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के फूड इंस्पेक्टर रोजाना कई दुकानों पर छापेमारी करेंगे और सैंपलों की जांच रिपोर्ट को पहले उच्चाधिकारियों के पास भेजी जाएगी।