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अस्पताल में कचरे के ढेर के विवाद को सुलझाने के लिए खुद डीसी ने की पहल, दोनों पक्षों से करेंगे बात

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अमर उजाला ब्यूरो
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फतेहाबाद।
स्थानीय नागरिक अस्पताल परिसर में लंबे समय से स्वास्थ्य विभाग व नगर परिषद के बीच विवाद का केंद्र बने कचरे के ढेर का निपटारा करने के लिए खुद डीसी हरदीप सिंह आगे आए हैं। इस बीच उन्होंने अस्पताल परिसर में पोस्टमार्टम कक्ष के बाहर पड़े कचरे को जलाने की निंदा करते हुए कार्रवाई की बात कही है। डीसी ने कहा कि वे सोमवार को इस संदर्भ में नगर परिषद और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की एक संयुक्त बैठक बुलाकर इस मुद्दे का स्थाई समाधान कराएंगे। उपायुक्त के दखल के बाद अस्पताल की हालत सुधरने के आसार बने हैं। 'अमर उजाला’ ने ये मुद्दा उपायुक्त के संज्ञान में लाया है, जिसके बाद उपायुक्त हरदीप सिंह ने इस मसले पर विवाद सुलझाने की पहल की है।

अस्पताल के अंदर से नप कचरा उठाने को तैयार नहीं, बाहर फैंकना अस्पताल प्रशासन को मंजूर नहीं
स्वास्थ्य विभाग और नगर परिषद प्रशासन के बीच अस्पताल परिसर के अंदर का कचरा उठाने का विवाद लंबे समय से चल रहा है। बार-बार के प्रयासों के बावजूद ये विवाद सुलझ नहीं पाया है जिसके चलते अस्पताल परिसर के अंदर पोस्टमार्टम रूम के बाहर कचरे के ढेर लग जाते हैं। अस्पताल प्रशासन का तर्क है कि कचरा उठाने का काम नगर परिषद प्रशासन का है। इसी वजह से नगर परिषद का सफाई ठेकेदार सारे अस्पताल का कचरा पोस्टमार्टम रूम के बाहर ही इकट्ठा कर फिंकवा देता है। दूसरी ओर, नगर परिषद प्रशासन का कहना है कि नगर परिषद के कर्मचारी सड़कों पर से कचरा उठवाने के लिए जिम्मेदार हैं। सरकारी दफ्तरों के अंदर का कचरा उठाने के लिए वे भी जवाबदेह नहीं हैं। अगर अस्पताल परिसर के अंदर का कचरा सफाई कर्मचारी उठाने लगेंगे तो आगे से बाकी सरकारी विभाग भी उन पर परिसर के अंदर से कचरा उठाने के लिए दबाव डाल सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग और नगर परिषद प्रशासन की इसी खींचातानी के चलते पोस्टमार्टम रूम के बाहर कचरे के ढेर लग जाते हैं।
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डीसी ने दिए थे कचरा उठाने के निर्देश लेकिन कचरे के ढेर को लगा दी गई आग
'अमर उजाला’ ने बीते दिन सरकारी अस्पताल के अंदर पड़े कचरे के ढेर का मसला जिला उपायुक्त हरदीप सिंह को दी थी। इसके बाद उन्होंने बीते दिन ही इस कचरे को उठवाने के निर्देश जारी कर दिए थे। लेकिन शुक्रवार सुबह जो हुआ, उसकी किसी ने कल्पना तक नहीं की थी। कुछ लोगों ने इस ढेर को आग के हवाले कर दिया। इस कचरे के ढेर में काफी बायोवेस्ट मैटिरियल भी था। इसके अलावा हरे नारियल के भी काफी टुकड़े पड़े थे जो आग में पूरी तरह जलते नहीं और धुआं ज्यादा करते हैं। आग लगने के कुछ ही देर में पूरे अस्पताल परिसर में धुआं फैल गया। इसके चलते लोगों को परेशानी हुई। इस बीच डीसी हरदीप सिंह को जलते हुए कचरे की भी जानकारी मिल गई। उन्होंने इस घटना की निंदा करते हुए दोषी कर्मचारी पर कार्रवाई की बात कही।
शहर में जगह-जगह जलाया जा रहा है कचरा
ऐसा नहीं है कि सिर्फ अस्पताल परिसर में ही कचरा जलाया जा रहा है। पूरे शहर में कमोबेश यही स्थिति है। दरअसल नगर परिषद के पास इन दिनों कचरा फैंकने के लिए जगह की काफी कमी है। बीघड़ रोड पर बनाये गए डंपिंग यार्ड भी पूरी तरह भर चुकी है। इस कारण नगर परिषद के कर्मचारी मजबूरीवश कचरे को लघु सचिवालय के सामने बाईपास किनारे फैंक देते हैं और कई बार वहीं आग लगा देते हैं। इसी तरह शहर के अंदर भी कई जगह पर कर्मचारियों द्वारा कचरे को आग लगाई जा रही है।
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'अस्पताल परिसर के अंदर कचरा हटाने का निर्देश दिया था। लेकिन शुक्रवार को किसी ने इसमें आग लगा दी। स्वास्थ्य विभाग और नगर परिषद प्रशासन के बीच इस मुद्दे को लेकर कुछ मतभेद हैं, जिन्हें मैं खुद सुलझाऊंगा। सोमवार को दोनों पक्षों को बुलाकर उनसे बात करेंगे।’
हरदीप सिंह, जिला उपायुक्त, फतेहाबाद ।
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