कचरे को आग नहीं लगानी, 15 दिन के स्वच्छता पखवाड़े में ये तक ना सीख सके नगर परिषद के कर्मचारी

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Rohtak Bureau

कचरे को आग नहीं लगानी, 15 दिन के स्वच्छता पखवाड़े में ये तक ना सीख सके नप कर्मीअमित रूखायाफतेहाबाद। पूरे प्रदेश में धान की पराली जलाने पर प्रतिबंध को लेकर हायतौबा मची हुई है। किसानों को जुर्माने-एफआईआर के अलावा गांव के सरपंचों को निलंबित तक करने का ऐलान किया जा चुका है। लेकिन किसानों की ओर से धान की पराली जलाने पर पर्यावरण प्रदूषण को रोना रोने वाला जिला प्रशासन नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों द्वारा रोजाना कचरा जलाने पर अपने मुंह सिल चुका है। रोजाना शहर और जिले में सैकड़ों टन कचरा जलाया जा रहा है लेकिन ना तो नगर परिषद प्रशासन और ना ही जिला प्रशासन इस दिशा में कोई कार्यवाही कर रहा है और ना ही इस कचरे को जलाने से रोकने का कोई प्रयास कर कर रहे। ‘अमर उजाला’ ने शहर की सफाई व्यवस्था का रियल्टी टेस्ट किया तो त्योहारी सीजन में शहर की सफाई व्यवस्था की पोल भी खुलती नजर आई। स्थान : सिरसा रोड़, विश्नोई मंदिर के बाहरसमय : सुबह 10.59 हालात : नेशनल हाईवे के बिल्कुल किनारे पर इधर-उधर से इकट्ठा हुआ कचरा रखा गया है और वहीं पर इस कचरे को आग लगा दी गई है। इस कचरे के ढेर में आग लगने के चलते पूरे वातावरण में दमघोंटू धुआं फैल गया है और पैदल चलने वाले व दोपहिया वाहन पर सवार लोगों को यहां से निकलने में परेशानी हो रही है। स्थान : रतिया रोड, एमएम पोल्टेक्रिक की बिल्डिंग के सामनेसमय : सुबह 11:07 मिनटहालात : यहां पर भी कचरे का निष्पादन मौके पर ही करने का प्रयास किया गया है। आसपास टूटे हुई टहनियां और अन्य कचरा पड़ा था जिसे ट्राली में डालने की बजाये सड़क किनारे ही उसे आग लगा दी गई है। कचरा जलने के बाद हालात बिल्कुल वही है। सारी सड़क पर इस कचरे का धुआं फैल रहा है और सामने ही सैकड़ों विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करते हैं। हैरानी की बात ये है कि नप अध्यक्ष दर्शन नागपाल का वार्ड है ये और उनके कई बार मना करने के बावजूद कुछ सफाई कर्मचारी इस तरह की गड़बड़ी लगातार कर रहे हैं। स्थान : हिसार रोड, नई सब्जी मंडी के बाहरसमय : सुबह 12:20हालात : नई सब्जी मंडी के बाहर पड़े कचरे को भी आग के हवाले कर राख कर दिया है। नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों की ओर से स्वच्छता पखवाड़े में सीखे गए कचरा निष्पादन की शायद यही नई कला है। जिला प्रशासन के सभी आला अधिकारियों के निवास और दफ्तर यहां से चंद कदमों की दूरी पर हैं लेकिन यहां भी सफाई के बाद कचरे को जलाने का ही प्रावधान मालूम पड़ता है। पराली जलाने पर किसानों पर हजारों रुपये जलाने का फरमानएक ओर शहर की सफाई व्यवस्था का जिम्मा संभालने वाले सफाई कर्मचारी आए दिन रोजाना कचरे को आग लगा रहे हैं वहीं दूसरी ओर एक बार अपने खेत की पराली जलाने वाले किसानों पर सरकार हजारों रुपये का जुर्माना एवं एफआईआर तक का फरमान जारी कर चुकी है। इसके अलावा जिन गांवों में पराली जलाएगी, उनके सरपंच को निलंबित तक करने की बातें सामने आ रही हैं और उन गांवों को 50 हजार रुपये ग्रांट की बात की जा रही है जहां पर पराली नहीं जलाई जाएगी। नप प्रधान बोले, कर्मचारियों से होगी जवाब-तलबीप्रदेश सरकार पर्यावरण प्रदूषण को लेकर काफी गंभीर है और अगर सफाई कर्मचारी कचरे को जला रहे हैं तो ये बहुत गलत कदम है। इस बारे में कर्मचारियों से जवाब तलबी की जाएगी।द्शिन नागपाल, नगर परिषद प्रधान, फतेहाबाद ।
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