फतेहाबाद। स्वास्थ्य विभाग ने जिले की 116 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित कर दिया है। मुख्यालय से वीरवार को सिविल सर्जन कार्यालय में आई टीम ने नामांकित ग्राम पंचायतों का रिकॉर्ड जांचा और इसके बाद इन्हें टीबी मुक्त घोषित कर दिया। इन ग्राम पंचायतों को मार्च माह में होने वाले विश्व टीबी दिवस पर सम्मानित किया जाएगा।
जिले में 18 ग्राम पंचायतों को लगातार तीसरी बार सम्मान मिलेगा। इन्हें विभाग स्वर्ण रंग राष्ट्रपिता की प्रतिमा देकर सम्मानित करेगा। 40 पंचायतें ऐसी है जिन्हें दूसरी और 58 को पहली बार सम्मानित किया जाएगा। जिले की 44 फीसदी पंचायतें ने टीबी मुक्त का दावा किया था। जिले में 259 पंचायतें हैं इसमें 116 पंचायत टीबी मुक्त के लिए नोमिनेट हुई और जिला स्वास्थ्य विभाग ने नोमिनेट हुई पंचायतों की रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी।
वीरवार को मुख्यालय से आए टीम सदस्य राकेश सोमल और ज्योति शर्मा ने रिकॉर्ड की वेरिफिकेशन की। इस दौरान जिला क्षयरोग अधिकारी डॉ.अमित कुमार, जिला परियोजना संयोजक कपिल कुमार, पीपीएम कोऑडिनेटर सुशील कुमार, और जिला निक्षय ऑपरेटर बिमल रानी भी मौजूद रहे। निरीक्षण के बाद इन ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया।
ऐसे मिलता है सम्मान
अगर पंचायत लगातार तीसरी बार टीबी मुक्त घोषित हुई है तो उसे स्वर्ण प्रतिमा और दूसरी बार हो रही है तो रजत और पहली बार टीबी मुक्त घोषित हुई है तो उसे कांस्य प्रतिमा देकर सम्मानित किया जाएगा। विभाग की तरफ से राष्ट्रपिता की प्रतिमा देकर सम्मानित किया जाता है। जिले में पिछले साल स्क्रीनिंग के दौरान 2019 टीबी मरीज मिले है और इसमें 56 बच्चे भी शामिल है। वर्ष 2024 में 2397 मरीज मिले थे।
ये पंचायतें टीबी मुक्त हुईं घोषित
अहलीसदर, हांसपुर, धारसूल कलां, भूंदड़वास, मुस्सा खेड़ा, धिड़, चौबारा, कलौठा, खुनन, भूथनखुर्द, ढाणी गोपाल, तामसपुरा, खासा पठाना, गदली, लठेरा, रोंझावाली, रहनखेड़ी, कमाना, डुल्ट, सलेमपुरी, शक्करपुरा, भट्टू भूना, तलवाड़ी, लोहा खेड़ा, चांदपुरा, भीमेवाला, बस्ती, फतेहपुरी, ललूवाल, भोडिया खेड़ा, ढाणी भोजराज, मानावाली, हरिपुरा, ढाबी खुर्द, अकांवाली, रत्ताथेह, लहराथेह, चंद्रावल, मंघेड़ा, रसलपुर, घासवां, जापतेवाला, कानाखेड़ा, बुवान, मामुपुर, बिछई खेड़ा, ठरवी, खैरपुर, मलवाला, कमालवाला, माधुआना, रहनवाली, साधनवास, चुहडपुर, नथूवाल, पूर्ण माजरा, उदयपुर, लांबा, बलियाला, बादलगढ़, ढाणी दादुपुर, दादुपुर, दिगोह, ढाणी बबनपुर, निकुआना, भानीखेड़ा, घोटडू, भूंदड़ा, सोत्तरभट्टू, हुक्मावाली, चनकोठी, बहबलपुर, थेड़ी, नकटा, नखाटिया, मानकपुर, बनावाली सोत्तर, नूरकी अहली, सरवरपुर, बोदीवाली, ढाणी बीजां लांबा, मिराना, मढ, ढाणी चानन, सालमखेड़ा, बहबलभोमिया, बोसवाल, काताखेड़ी, रजबाद, इंदाछुई, बुर्जु, चंदोकलां, हसंगा, महम्दकी, एमपी सोत्तर, मुंशीवाली, शहनाल, शेखुपुर सोत्तर, पिलछियां, खनौरा, बलियावाला, नड़ेल, मोचीवाली, बिसला, फूलां, चितैन, गुरसर, नांगली, पालासर, बबनपुर, ब्राहम्णवाला और ढाणी ठोबा शामिल है।
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वर्ष 2025 में टीबी को लेकर ये रही है स्क्रीनिंग ओर उपचार की स्थिति
टीबी को लेकर लोगों की हुई स्क्रीनिंग - 303851
जांच के दौरान मिले पॉजिटिव - 2019
0 से 14 साल के बच्चों में मिली टीबी - 56
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पहले साल 35 पंचायतें हुई थी सम्मानित
वर्ष कांस्य प्रतिमा सिल्वर गोल्ड
2023 35
2024 62 22 0
2025 58 40 18
ऐसे चुनी जाती हैं टीबी मुक्त पंचायतें
विभाग ने टीबी मुक्त ग्राम पंचायत की रिपोर्ट मांगी थी। जहां पर एक हजार जनसंख्या के पीछे 30 सैंपल टीबी जांच को लेकर लिए गए। इसके अलावा सीबीनेट टेस्टिंग 60 फीसदी रही है। इन गांवों में उपचार रेट 85 फीसदी होना चाहिए। निक्षय पोषण योजना का लाभ 100 फीसदी दिया गया है।
जिले को टीबी मुक्त बनाने के लिए पंचायतों की अहम जिम्मेदारी रहती है। टीबी के प्रति जागरूकता जरूरी है और समय पर जांच से बीमारी पर नियंत्रण किया जा सकता है। जिले में इस बार 116 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त घोषित हुई है। इन्हें विश्व टीबी दिवस पर सम्मानित किया जाएगा।
-डॉ.बुधराम, सिविल सर्जन