किसान यात्रा पर बर्बतापूर्ण कार्रवाई ने दिलाई अंग्रेजी हुकूमत की याद : गोरखपुरिया
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद । हरियाणा किसान मजदूर एकता मंच के अध्यक्ष कामरेड कृष्णस्वरूप गोरखपुरिया ने महात्मा गांधी के जन्मदिवस पर श्रद्धांजलि अर्पित करने और अपनी मांगों को केंद्र सरकार के समक्ष रखने जा रहे शांतिपूर्ण किसान क्रांति यात्रा पर कार्रवाई की निंदा की।
गोरखपुरिया ने कहा कि किसान यात्रा पर बर्बर लाठीचार्ज, रबड़ की गोलियां व वाटन कनैन से पानी बौछारों का हमला करके भाजपा सरकार ने अंग्रेजी हुकूमत के जुल्मों की याद दिला दी। किसान नेता ने कहा कि जंग ए आजादी 1857 की धरती से 23 सितंबर शहीदी दिवस से शुरू किसान क्रांति यात्रा ने हरिद्वार से दिल्ली तक कहीं पर भी मामूली से भी हिंसा नहीं की और वे मोदी सरकार को 2014 के चुनावी वादे याद करवाने के लिए दिल्ली आ रहे थे। जिसका अधिकार भारतीय संविधान ने दिया हुआ है।
उन्होंने कहा कि 40 वर्ष पूर्व चौधरी चरण सिंह के जन्मदिवस पर भी हजारों ट्रैक्टर वोट क्लब तक पहुंच गए थे, तो इस बार पाबंदी लगाकर सरकार किसानों को महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की समाधियों पर जाने से क्यों रोका गया।
गोरखपुरिया ने भारतीय किसान यूनियन (टिकैत धड़ा) के आंदोलन का पूर्ण समर्थन करते हुए भाजपा सरकार से किसानों की मांगों को स्वीकार करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सभी किसानों को कर्जामुक्त किया जाए तथा लघु व सीमांत किसानों को पांच हजार रूपए प्रतिमाह पेंशन दी जाए।