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सीएम मनोहर लाल के मुंह से निकली एक भी बड़ी घोषणा अब तक पूरी नहीं, 113 में से 60 पर काम जारी

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अमित रूखाया
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फतेहाबाद।
प्रदेश की मनोहर लाल सरकार को पूरे हुए तीन साल बीत चुके हैं। इन तीन सालों में बीजेपी सरकार के मुखिया ने फतेहाबाद के विकास के लिए घोषणाएं तो सैकड़ों कीं, लेकिन उन घोषणाओं को अमलीजामा पहनाने में सरकार निरंतर फ्लॉप साबित हो रही है। जिले के अफसर लगातार बैठकें तो करते रहे हैं, लेकिन बैठकें विकास की इन घोषणाओं को जमीनी हकीकत बनाने में अभी तक तो असफल ही रही हैं। जिले के विकास की रफ्तार का अंदाजा इसी बात से लगाइये कि सीएम द्वारा की गई कुल 113 घोषणाओं में से महज 60 पर ही काम शुरू हो सका है। मौजूदा सीएम मनोहर लाल द्वारा घोषित की गई कोई घोषणा अभी तक पूरी नहीं हुई है। हालांकि कइयों पर काम जरूर शुरू हो गया है। फतेहाबाद हलके से जुड़ी सीएम घोषणाओं की कागजी और जमीनी हकीकत का फर्क सच में चौंकाने वाला है।
ढाई साल बाद भी कचरा प्रबंधन प्लांट का काम शुरु नहीं
भूना में प्रस्तावित कचरा प्रबंधन प्लांट वर्तमान सीएम मनोहर लाल की सबसे पुरानी घोषणाओं में शुमार है। लगभग ढाई साल पहले फतेहाबाद में ही सीएम मनोहर लाल ने इसका ऐलान किया था। फतेहाबाद जिले के अलावा उकलाना हलके का कचरे का भी इसी प्लांट में प्रबंधन होना तय है। यहां पर कचरे से खाद बनाने का प्लान प्रस्तावित है। कागजों की बात की जाए तो सरकार ने इस संदर्भ में टेंडर अपलोड की बात कही है। जमीनी हकीकत ये है कि अभी तक भी ये प्रोजेक्ट महज कागजों में ही सिमटा है।
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कागजों में ही बढ़ते जा रहे नागरिक अस्पताल के बैड, नई बिल्डिंग की जमीनी हकीकत कोसों दूर
फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल की नई बिल्डिंग बनाने का ऐलान पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा व मौजूदा सीएम मनोहर लाल कर चुके हैं। लेकिन पिछली सरकार के दस और मौजूदा सरकार के तीन साल बीतने के बावजूद अस्पताल की नई बिल्डिंग जमीनी हकीकत से कोसों दूर हैं। हैरत तो इस बात की भी है कि अपने उद्घाटन के बाद से अस्पताल की मौजूदा बिल्डिंग में एक कमरा भी नहीं बना, लेकिन कागजों में इसे 50 बैड से बढ़ाकर सौ बैड का कर दिया गया। इसके बाद सीएम मनोहर लाल ने 200 बैड का अस्पताल बनाने का ऐलान किया। लेकिन अब स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों के दबाव को देखते हुए सरकार को 300 बैड की अनुमति देने का प्रपोजल भेजा है। अगर प्रपोजल मंजूर होता है तो सारी प्रक्रिया दोबारा शुरू होगी और इसके लिए अतिरिक्त जमीन की जरूरत भी पड़ेगी।
चिल्ली पर पार्क बना, लेकिन झील के रास्ते में अभी ढेरों अड़चनें
सीएम घोषणाओं के तहत शहर के सबसे महत्वकांक्षी प्रोजेक्ट चिल्ली झील को लेकर नगर परिषद के अधिकारी लगातार भागदौड़ कर रहे हैं। चिल्ली के ऊपर हैरीटेज पार्क का निर्माण भी कर दिया गया है। लेकिन चिल्ली को झील में तब्दील करने के काम में अभी भी ढेरों अड़चनें आती दिख रही हैं। चिल्ली की खुदाई में समय लगने के साथ साथ नगर परिषद के सामने ये समस्या है कि सारे शहर का पानी फिलहाल चिल्ली में आकर गिरता है। अगर चिल्ली को साफ करके झील बनाया जाता है तो बरसात के सारे पानी और सीवरेज के पानी की व्यवस्था को कैसे दूसरी ओर लेकर जाया जाए। इसी वजह से इसमें लगातार देरी हो रही है।
एक साल बीता, मिड-डे मील में दूध की घोषणा भी अधूरी
दिसंबर माह में बीघड़ रोड स्थित कम्युनिटी सेंटर में जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा सरकारी स्कूलों में अप्रैल माह से मिड-डे मील के तहत बच्चों को रोजाना दो सौ ग्राम दूूध देने की बात कही गई थी। नया सत्र शुरू हुए भी सात माह बीतने को आए, लेकिन इस दिशा में खुद सरकार ही कुछ तय नहीं कर सकी है। अभी तक ये तक तय नहीं हुआ है कि सरकार दूध खरीदकर स्कूल में भेजेगी, अथवा अध्यापक खरीदेंगे। इसको लेकर खुद शिक्षा विभाग के अफसर भी गाइडलाइंस का इंतजार करते दिखते हैं।
इसके अलावा विभिन्न स्कूलों के अपग्रेडेशन, सड़कों के निर्माण सहित अनेक काम लंबित
सीएम मनोहर लाल व पूर्व की सरकारों द्वारा फतेहाबाद हलके के विभिन्न स्कूलों के अपग्रेडेशन का ऐलान किया गया था। लेकिन आज भी अनेक स्कूल अपग्रेडेशन के इंतजार में हैं। इसके अलावा हलके के गांवों को जोड़ने वाली अनेक सड़कों के निर्माण और मरम्मत का काम भी अधूरा है। ढाणियों में बिजली पहुंचाने के मामले में भी फतेहाबाद हलका काफी पिछड़ा हुआ है।
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विधायक ने विधानसभा में उठाई भूना फोरलेन व कालेज की मांग, लेकिन निरस्त की
फतेहाबाद हलके के मौजूदा विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया ने पिछले दो विधानसभा सत्रों में फतेहाबाद से वाया भूना होते हुए सूरेवाला चौक तक फोरलेन की मांग उठाई है। सूरेवाला चौक से आगे चंडीगढ़ तक फोरलेन का काम जारी है। ऐसा होने पर फतेहाबाद-दिल्ली और फतेहाबाद-चंडीगढ़ मार्ग दोनों ही फोरलेन हो जाते। इससे विकास को नई रफ्तार मिलती। लेकिन मौजूदा स्थिति ये है कि सरकार ने दोनों ही बार विधायक के प्रस्ताव को निरस्त कर दिया है। इसके अलावा फतेहाबाद शहर में सरकारी कालेज की मांग भी सिरे नहीं चढ़ सकी है। इस बारे में बात करने के लिए जब सीएम घोषणाओं के नोडल अधिकारी एडीसी डॉ. जेके आभीर से बात करने का प्रयास किया गया तो बार-बार फोन के बावजूद उन्होंने फोन नहीं उठाया।
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