पिरथला पीएचसी में भेजी एंबुलेंस, बिजली समस्या का नहीं हुआ समाधान
अमर उजाला ब्यूरो
टोहाना। पिरथला के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के डिलीवरी हट में डिलीवरी के दौरान नवजात की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की नींद खुली है। विभाग ने पीएचसी के लिए एक एंबुलेंस भेजी है। लेकिन, बिजली की समस्या का कोई स्थाई हल नहीं हो पाया है। इससे ग्रामीणों को अब भी परेशानी है। स्टाफ की कमी भी पीएचसी की मुख्य समस्या है।
पिरथला पीएचसी में लगभग पांच दिन पूर्व डिलीवरी के लिए आई महिला मनजीत के बच्चे की डिलीवरी बाइक की लाइट में कराई गई थी। डिलीवरी के बाद जब बच्चा नहीं रोया तो उसे टोहाना नागरिक अस्पताल ले जाया जाना था, लेकिन हट में एंबुलेंस न होने के कारण बच्चे की मौत हो गई थी। इसके बाद सरकार ने उच्च अधिकारियों से मामले की पूरी जानकारी मांगी थी। आदेश के बाद डिप्टी सीएमओ डॉ. हनुमान सिंह के नेतृत्व की टीम ने मामले की जांच की।
बिजली की समस्या का हो स्थाई समाधान : सरपंच प्रतिनिधि
गांव के सरपंच प्रतिनिधि डॉ. दलबीर सिंह ने बताया कि उन्होंने 21 मार्च 2016 को प्रस्ताव रखा था कि पीएचसी की लाइट को डायरेक्ट बिजली घर से जोड़ा जाए, लेकिन उस समय के सीएमओ डॉ. अशोक चौधरी ने कोई संज्ञान नहीं लिया। बताया कि एंबुलेंस और पीएचसी बिजली समस्या को लेकर वे 19 सिंतबर को सीएमओ डॉ. मुनीष से मिले थे। इसके बाद एंबुलेंस तो आ गई, लेकिन बिजली की समस्या दूर नहीं हुई है। सरपंच प्रतिनिधि ने बताया कि पीएचसी में तीन स्टाफ नर्स हैं, जो 8-8 घंटे कार्य करती हैं, जबकि एक नियमित नर्स का पद है। वह खाली पड़ा है। उन्होंने कहा कि इसकी सूचना उच्च अधिकारियों को दी है, लेकिन कोई हल नहीं निकल पाया है।