अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। न्यायिक दंडाधिकारी जतिन गर्ग की अदालत ने बैंक से धोखाधड़ी कर लोन लेने के मामले में एक महिला और गारंटर को दोषी करार देते हुए दोनों को 3-3 साल की कैद व 5-5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, फतेहाबाद पुलिस ने ताऊ देवीलाल मार्केट में स्थित विजय बैंक के मैनेजर की शिकायत पर किरण निवासी गांव बड़ोपल व रविन्द्र निवासी ढाणी माजरा के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया था। पुलिस को दी शिकायत में बैंक मैनेजर ने बताया था कि किरण ने मिलीभगत करके दूसरी महिला के नाम से विजया बैंक से लोन लिया था और उसकी गारंटी ढाणी माजरा निवासी रविन्द्र सिंह ने दी थी। बैंक का 3 लाख 45 हजार रुपये लोन बकाया था। जब इस मामले में संबंधित महिला को नोटिस भेजे गए तो उसने बैंक में आकर सारी बात बताई। महिला के अनुसार, उसने कोई बैंक लोन नहीं था। इसके बाद पूरे मामले का पटाक्षेप हुआ था। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के पश्चात आरोपी किरण और रविन्द्र को दोषी ठहराते हुए दोनों को 3-3 साल की कैद व 5-5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।