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फतेहाबाद: भीमेवाला में खाली रह गया 107 एकड़ रकबा, नहीं हुई बिजाई

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भीमेवाला में खेतों में हुए जलभराव का दृश्य।
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समैन। टोहाना खंड के गांव भीमेवाला में पिछले दो साल से लगातार मानसून की तेज बारिश के वजह से जमीन के नीचे फुटे चौव्वे के कारण 107 एकड़ जमीन का रकबा खाली रह गया है। इतने एरिया में इस वर्ष किसान फसल का एक भी दाना भी नहीं बीज पाएं हैं।
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अब टोहाना प्रशासन ने 107 एकड़ जमीन जलभराव से सेमग्रस्त होने के कारण फसल न होने की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी है। टोहाना के तहसीलदार रमेश कुमार ने इसकी पुष्टि की है। किसान पिछले लंबे समय से बारिश के बाद जलभराव के कारण हुए नुकसान के मुआवजे की मांग कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि उनके खेतों में पिछले लगातार तीन साल से फसलों का एक दाना भी नहीं हुआ है। गत वर्ष 2022 में उनकी दोनों फसलें जलभराव की भेंट चढ़ गई, जबकि 50 से अधिक किसानों की फसलें तेज बारिश के कारण खराब हुई है। उन सभी का मुआवजा उन्हें जल्द मिलना चाहिए। संवाद
मुआवजा नहीं मिला तो धरने पर बैठना पड़ेगा
गांव भीमेवाला के किसान जयवीर, भीम सिंह, सत्ता सिंह, रमेंद्र, जयपाल, धर्म, अनिल, राममेहर, अमित, रामकुमार, मंगल, महा सिंह, सतपाल, संदीप, मनी राम, रामबीर, रणवीर, रामफल, मोनी, वेदप्रकाश, धीरा, रामफल, रामकेश, टेकचंद, मनीष, रामबीर, महेंद्र, कृष्ण कुमार, प्रदीप कुमार ने कहा कि उन्हें जल्द से जल्द मुआवजा मिलना चाहिए। किसानों की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर होती जा रही है। गांव के किसानों ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उन्हें जल्द मुआवजा नहीं मिला तो वे धरने पर बैठने को मजबूर होंगे।
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कोट
हमने गांव भीमेवाला में जलभराव के कारण खाली रकबे की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी है। इसके अलावा कुछ किसानों की फसलें बारिश से खराब हुई थी, उसकी रिपोर्ट भी भेजी गई है। जल्द ही किसानों को इसका मुआवजा मिलेगा।
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-रमेश कुमार, तहसीलदार, टोहाना
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