प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना बनी जी का जंजाल
अमर उजाला ब्यूरो
भूना। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के आवेदन जमा करवाने के लिए किसानों के समक्ष रकबा संबंधित समस्याएं आ रही हैं। जिसको लेकर किसानों में रोष है और वे भूना व अपने गांवों के पटवारियों के चक्कर काट रहे हैं। मंगलवार को भी पटवार भवन भूना में दर्जनों किसानों नेे जमकर रोष जताया और विभागीय कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए।
जांडली खुर्द निवासी किसान रघुबीर सिंह, बलदेव सिंह, कृष्ण कुमार, बजिंद्र सिंह, मांगे राम, सुरजीत सिंह, संदीप कुमार, सुरेंद्र कुमार व ढाणी गोपाल निवासी सुरेंद्र खिच्चड़, खैरी निवासी नरेंद्र कुमार व मनदीप कुमार, नरेंद्र कुमार, सुभाष चंद्र, सन्नी, आत्मा राम आदि ने बताया कि वे भूना खंड के अधीनस्थ गांवों के स्थायी निवासी हैं और उनकी जमीन भूना के रकबा में पड़ती है। हाल ही में घोषित की गई प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत सरकार ने 5 एकड़ से कम जमीन रखने वाले किसानों की 6 हजार रुपये वार्षिक पेंशन देने की घोषणा की है, जिसके लिए आवेदन की अंतिम तारीख 24 फरवरी रखी गई है। किंतु जब वे संबंधित दस्तावेज एवं आवेदन फार्म जमा करवाने के लिए गांव के पटवारी के पास जाते हैं, तो उन्हें यह कहकर टरका दिया जाता है कि यदि जमीन का रकबा भूना क्षेत्र का है तो फार्म भी भूना पटवार भवन में ही जमा होगा। उक्त किसानों ने बताया कि जब वे आवेदन जमा करवाने के लिए भूना पटवार भवन पहुंचे तो ड्यूटि पर तैनात पटवारी ने यह कहकर लौटा दिया कि जिस किसान का जहां आधार कार्ड बना हुआ है, वहीं उसकी जमीन संबंधित दस्तावेज जमा किए जाएंगे। ऐसे में किसानों के समक्ष दुविधा पैदा हो रही है। उक्त किसानों ने बताया कि भूना पटवार भवन में भूना शहर के जमीनी रकबे संबंधित कोई सूची भी नहीं दिखाई जा रही, जिसके चलते उन्हेें दर-दर भटकना पड़ रहा है।
गांव-गांव टीमें भेजी जा चुकी हैं जो उक्त योजना से संबधित दस्तावेज जमा करवा रही हैं। किसानों को भूना में आने की आवश्यकता नहीं है, अपितु अपने गांव में ही ग्राम सचिव व पटवारी को आवेदन जमा करवा सकते हैं। क्योंकि आवेदन फार्म में रकबा से संबंधित कॉलम है, जिसमें भूना शहर अथवा जिस भी गांव में रकबा पड़ता है, वही भरा जा सकेगा।
- बलवंत सिंह, जिला कृषि अधिकारी।