अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड क्राफ्ट मेले की तैयारियां शुरू हो गई हैं। सूरजकुंड मेला अथॉरिटी ने मंगलवार को दिल्ली में आयोजित एक बैठक में एक फरवरी 2014 से आयोजित होने वाले 28वें मेले के लिए थीम स्टेट और कंट्री पार्टनर बनाने पर फैसला लिया।
फैसले के मुताबिक इस बार गोवा को थीम स्टेट व श्रीलंका को कंट्री पार्टनर बनाया गया है। इस बात की पुष्टि सूरजकुंड मेला के ऑफिसर इंचार्ज राजेश जून ने की है। गोवा 2001 में भी यहां थीम स्टेट रह चुका है। सूरजकुंड क्राफ्ट मेले में हर साल देश भर से करीब आठ लाख पर्यटक आते हैं। इनमें औसतन लगभग 10 हजार विदेशी सैलानी होते हैं। इनसे पर्यटन कारोबार की बड़ी संभावना बनती है।
जो भी राज्य थीम स्टेट और देश कंट्री पार्टनर बनता है, वह मेले में अपने क्राफ्ट, खानपान, पहनावे व नृत्य-संगीत का प्रचार करता है। मेले में जो भी सामान बिकता है उस पर टैक्स नहीं लगता, जिसका फायदा उस राज्य के शिल्पियों को होता है।
जून ने बताया कि इस बैठक में हरियाणा की ओर से पर्यटन विभाग के वित्तायुक्त व प्रधान सचिव विजय वर्धन, एमडी सुमिता मिश्रा व जिला उपायुक्त बलराज सिंह मोर मौजूद थे। इसमें विदेश मंत्रालय के अधिकारी भी शामिल हुए, क्योंकि उन्हीं की मंजूरी के बाद किसी देश को कंट्री पार्टनर बनाया जाता है।
मजबूत होते हैं कूटनीतिक संबंध
मेले के बहाने कूटनीतिक संबंधों को मजबूती देने व इसका दायरा बढ़ाने के लिए सरकार ने 2007 में थीम स्टेट की तर्ज पर ही कंट्री पार्टनर बनाने की घोषणा की थी। इसकी शुरुआत पहली बार 2009 में हुई। प्राचीनतम सभ्यता, संस्कृतियों वाले देश इजिप्ट (मिश्र) को इसका मौका मिला।
वर्ष 2010 में तजाकिस्तान कंट्री पार्टनर बना। इसी प्रकार 2011 में उज्बेकिस्तान ने यह गौरव हासिल किया। 2012 में थाईलैंड व 2013 में अफ्रीकन देश कंट्री पार्टनर बने। श्रीलंका यहां अपने क्रॉफ्टमैन भेजता रहा है लेकिन कंट्री पार्टनर पहली बार बना है।