थाना तिगांव क्षेत्र के गांव जुन्हेड़ा में रहने वाले प्रॉपर्टी डीलर दयाराम कौशिक ने बृहस्पतिवार की रात अपने घर में फांसी लगाकर जान दे दी। बताया जा रहा है कि वह संपत्ति की खरीद फरोख्त के धंधे में शामिल दो लोगों द्वारा कमीशन की रकम न दिए जाने से परेशान था। मृतक ने एक सुसाइड नोट भी छोड़ा है। जिसमें उसने अपनी मौत के लिए दो को जिम्मेदार ठहराया है।
पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव उसके परिजनों को सौंप दिया है। 50 वर्षीय दयाराम कौशिक गुड़गांव में अपने दो साथियों के साथ प्रॉपर्टी डीलिंग का धंधा करता था। उसे काफी समय पूर्व डायबिटीज व अन्य बीमारियों ने जकड़ लिया था।
जिस कारण वह हर समय परेशान रहता था। गुड़गांव में उसने पिछले दिनों एक जमीन का सौदा करवाया था। जिसकी एवज में उसे कुछ रकम कमीशन के रूप में मिलनी थी, जो उसके साथियों ने उसे न देकर स्वयं हड़प कर ली। रकम न मिलने के कारण दयाराम काफी परेशान हो गया था। गांव में भी वह परेशानी के चलते गुमशुम रहता था।
बृहस्पतिवार रात को किसी समय उसने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सुबह परिवार के लोग सोकर उठे तो उन्हें घटना के बारे में पता चला। कौशिक द्वारा छोडे़ गए सुसाइड नोट में उसने अपनी मौत का जिम्मेदार गुड़गांव में रहने वाले अपने दोनों साथी प्रॉपर्टी डीलरों को ठहराया है। समाचार लिखे जाने तक मामला दर्ज नहीं हुआ था। थाना प्रभारी संदीप मोर ने बताया कि इस मामले की अभी जांच की जा रही है।
छात्र ने जान दी
थाना मुजेसर क्षेत्र की रामस्वरूप कॉलोनी में रहने वाले 9वीं कक्षा के एक छात्र सार्थक मलिक ने बृहस्पतिवार को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। रामकुमार यहां रामस्वरूप कॉलोनी में परिवार के साथ रहते हैं। उनका 14 वर्षीय बेटा पढ़ाई-लिखाई के कारण अक्सर परेशान रहता था। परिजनों ने पुलिस को बताया कि पढ़ाई करने के दबाव से वह अक्सर परेशान रहता था। बृहस्पतिवार को वह और उसका पिता घर पर ही थे। पुलिस के मुताबिक सार्थक ने अपने कमरे में जाकर पंखे के हुक से लटक कर फांसी लगा ली। उसके पिता कमरे में पहुंचे और उसे फंदे से नीचे उतारा। इसके बाद निजी अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।