शहर में डेंगू की दहशत कम करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रवैया अपना लिया है। विभाग ने कहा है कि अब निजी अस्पताल डेंगू की जांच नहीं करेंगे। इसके निर्देश मंगलवार को जारी किए जाएंगे।
सोमवार को सिविल सर्जन एवं पीएमओ कार्यालय में इस मुद्दे को लेकर अधिकारियों की दो बैठक आयोजित हुई, जिसमें सिविल सर्जन डॉ. रामेंद्र सिंह ने बताया कि इस मौसम में बुखार होना स्वाभाविक है। लेकिन हर बुखार को डेंगू कहना या मानना गलत है।
अभी तक जितने भी डेंगू के मामले आए हैं उनमें से अधिकांश निजी अस्पतालों एवं क्लीनिकों से हैं। इसलिए यह विचार किया गया है कि सभी बुखार के नमूनों की जांच आईडीएसपी (इंटिग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोजेक्ट) लैब में ही कराई जाएगी। लैब बीके अस्पताल में है।
कोई भी निजी अस्पताल मरीज को अपने यहां जांच करवाने का दबाव नहीं डालेगा। वह सैंपल लेकर स्वास्थ्य विभाग को भेजेगा।
निदेशालय के अधिकारी जवाब तलब करेंगे
मंगलवार को सेक्टर-12 स्थित डीसी कार्यालय में डेंगू विभाग के अधिकारियों की स्वास्थ्य निदेशालय के अधिकारियाें से वीडियो कांफ्रेंसिंग होगी, जिसमें मुख्यालय इनसे डेंगू नियंत्रण के प्रयासों की जानकारी लेगा। वर्तमान में 119 डेंगू पॉजिटिव मरीजों की पुष्टि की गई है, जबकि सोमवार को 25 नए डेंगू संभावित मरीजों की पहचान हुई है। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि जिले में डेंगू से कोई मौत नहीं हुई है।
150 घरों की जांच, सात में मिला लारवा
सोमवार को एनएच-तीन व पांच के सरकारी स्कूलों, कपड़ा कॉलोनी और जवाहर कॉलोनी में डेंगू मच्छर मारने की दवा का छिड़काव किया गया। सुबह से लेकर शाम तक चले अभियान में 150 घरों की जांच की गई। कपड़ा कॉलोनी में सात घरों में लारवा पाया गया, जिनमें से दो घरों में नोटिस जारी किए गए। विभाग के जोनल इंचार्ज हरेंद्र एवं मामराज ने बताया कि जिन लोगों के चालान किए गए हैं उन्हें कुछ समय पूर्व भी चेतावनी दी गई थी, जिन घरों में लारवा पाया गया है वहां तीन बाद टीम दोबारा निरीक्षण करेगी।
डेंगू के दो मरीज गंभीर स्थिति में भर्ती
दयालनगर निवासी 18 वर्षीय एक युवक एवं संजय कॉलोनी निवासी 30 वर्षीय महिला सोमवार को डेंगू की आशंका में बीके अस्पताल में भर्ती कराए गए। युवक की मां ने बताया कि पीड़ित को रविवार शाम को बुखार चढ़ा था। स्थानीय मेडिकल स्टोर से दवा लेने के बाद स्थिति बिगड़ गई, जबकि महिला मरीज को सात दिनों से बुखार नहीं उतरने के कारण गंभीर स्थिति में अस्पताल में भर्ती किया गया।
बढ़ते मरीजों पर अस्पताल प्रबंधन परेशान
बीके अस्पताल में 10 बिस्तरों का डेंगू वार्ड है, जिसमें से आठ बिस्तर दूसरी मंजिल पर हैं, जबकि दो तीसरी मंजिल पर। सोमवार को जिला डेंगू अधिकारी डॉ. रमेश ने बताया डेंगू वार्ड को बढ़ाने की योजना है ताकि ज्यादा मरीजों को भर्ती किया जा सके।