मौसम में ठंड बढ़ने के बावजूद भी डेंगू का असर कम नहीं हो रहा है। इसका अंदाजा डेंगू के बढ़ते मरीजों की संख्या से लगाया जा सकता है। निजी व सरकारी अस्पताल में रोजाना डेंगू संभावित पांच से दस मरीज भर्ती हो रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से दावा किया जा रहा था कि मौसम में ठंडक बढ़ने से डेंगू व मलेरिया का प्रकोप कम हो जाएगा। लेकिन दिन के तापमान में किसी तरह का अंतर नहीं आया है।
स्वास्थ्य विभाग के मलेरिया अधिकारी डॉक्टर रमेश के अनुसार अभी हालत सुधरने में एक माह का समय लग सकता है। लेकिन विभाग की तरफ से कॉलोनियों में फॉगिंग का काम लगातार किया जा रहा है।
वहीं, सेक्टरों में भी फॉगिंग का काम शुरू कर दिया गया है। फॉगिंग करने के साथ-साथ लोगों को सफाई बरतने के लिए जागरूक किया जा रहा है। विभाग की एक टीम लारवा को देखने के लिए कॉलोनियों में निरीक्षण भी कर रही है।
उन्होंने बताया कि निजी अस्पतालों को खासतौर पर निर्देश दिया गया है कि किसी भी बुखार के मरीज की डेंगू की पुष्टि करने से पहले स्वास्थ्य विभाग के पास रिपोर्ट भेजी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ही डेंगू की पुष्टि करेगा।
एक नजर
डेंगू संभावित मरीज - 840
डेंगू के मरीज - 168
मलेरिया के मरीज - 815