औद्योगिक सुरक्षा तंत्र ऐसा होना चाहिए जिसमें श्रमिक, कंपनी, उपभोक्ता और पर्यावरण के लिये शून्य (जीरो) स्तर पर भी हानि की संभावना न हो। सुरक्षा नियमों की पालना के लिये बिना किसी मतभेद के सभी संबंधित पक्षों को एकमत रहना चाहिए। ये बातें अमेरिकन सोसायटी ऑफ सेफ्टी इंजीनियर्स के अध्यक्ष रिचर्ड पोलॉक ने कहीं।
वह बुधवार को फरीदाबाद इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (एफआईए) के बाटा चौक स्थित सभागार में औद्योगिक सुरक्षा पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। अमेरिकी औद्योगिक सुरक्षा विशेषज्ञों के प्रतिनिधि मंडल के साथ आए पोलॉक ने कहा कि 1911 में बनी उनकी संस्था के 25 हजार सदस्य 19 देशों में कार्यरत हैं। भारत और अमेरिका के बीच औद्योगिक सुरक्षा के मंत्रों का आदान-प्रदान करना और दुर्घटनाओं को कम करना उनका लक्ष्य है।
उन्होंने कहा कि पारंपरिक धारणाओं को त्यागकर एक दूसरे से सीखने की आदत डालें। प्रतिनिधि मंडल में शामिल इंडो अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स की इंफ्रास्ट्रक्चर व सुरक्षा पैनल के अध्यक्ष आशीष विग ने कहा कि भारत में खनन, मैन्यूफैक्चरिंग, बंदरगाह और कंस्ट्रक्शन क्षेत्र में विभिन्न कानूनों के माध्यम से सुरक्षा व्यवस्था पर निगाह रखी जाती है।
इस मौके पर फरीदाबाद इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के प्रधान डॉ. एसके गोयल ने आगंतुकों का स्वागत करते हुए कहा कि बहुराष्ट्रीय कंपनियां तो अपने सहायक उद्योगों में भी सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने हेतु ट्रेनिंग दे रही हैं। उनके नेतृत्व में अमेरिकी प्रतिनिधि मंडल को शहर की गौरवगाथा बताने के लिए एक फिल्म दिखाई गई।
इस मौके पर अमेरिका के पर्यावरणीय स्वास्थ्य विशेषज्ञ आरोन लेफ्टविच, रिस्क कंट्रोल मैनेजर जेम्स एल. न्यूबेरी, इंडस्ट्रियल हाईजीनिस्ट ट्रीना वाई. रेडफोर्ड, एफआईए के महासचिव अभय कपूर, पूर्व प्रधान एसके जैन, शम्मी कपूर, विजय जिंदल, पीके सलवान, सतीश भाटिया, एमएल बिदानी, शैलेंद्र कपूर एवं प्रशांत सहित कई लोग मौजूद थे।