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अधिकारियों को सीएम आदेशों की परवाह नहीं

Fri, 16 Nov 2012 12:01 PM IST
फरीदाबाद/ब्यूरो
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नगर निगम के अधिकारी अपने प्रदेश के मुख्यमंत्री की बात भी नहीं सुनते। उनकी घोषणाओं को गंभीरता से नहीं लेते। सामने 'यस सर' कहकर पीछे मुड़ते ही अपने पुराने अंदाज में आ जाते हैं। नगर निगम सदन की होने वाली बैठक में इस बार निगम की इंजीनियरिंग शाखा से इस बारे में जवाब तलब किया जाएगा। ताकि, पता चले कि यहां के अधिकारी जब सीएम के आदेशों की परवाह नहीं करते तो फिर वे आम जनता की क्या सुनेंगे।
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सीएम घोषणा का एक काम तो 2005 का है। उस वक्त मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला थे। उन्होंने नवादा गांव में पार्क बनाने की घोषणा की थी। पर अब तक अधिकारियों ने इस पर अमल नहीं किया। जबकि इस बारे में क्षेत्र के पार्षद महेश मणि सदन में कई बार सवाल उठा चुके हैं। उसके बाद भूपेंद्र सिंह हुड्डा मुख्यमंत्री बने। लेकिन, उनके द्वारा की गई घोषणाओं का भी यही हाल हो गया। जबकि वह सत्ता में हैं। बसपा पार्षद जगन डागर ने शुक्रवार को होने वाली सदन की बैठक के लिए यह मुद्दा रखा है। उनका एजेंडा स्वीकार कर लिया गया है।

लंबित कार्य
-2005: तत्कालीन सीएम ओम प्रकाश चौटाला की घोषणा नवादा में पार्क बनाने की, लेकिन अभी तक काम नहीं हुआ।
-2010: सरकारी स्कूलों के लिए पर्वतीय कॉलोनी, जवाहर कॉलोनी, राजीव कॉलोनी में जमीन देने का मसला लंबित।

अधूरे कार्य
-2005: ओल्ड फरीदाबाद से मीट मार्केट को नहरपार शिफ्ट करने का काम अधूरा। यहां टॉयलेट, पार्किंग, ड्रेनेज, रेलिंग एवं स्ट्रीट लाइट आदि का काम अधूरा।
-2009: शहर में कम बिजली खपत वाली लाइटिंग का काम अधूरा। करीब 35 हजार स्ट्रीट लाइट प्वाइंट में से मात्र 7930 ही रिप्लेस हुईं।
-2010: संजय कॉलोनी एवं डबुआ कॉलोनी में छठ घाट का निर्माण अधूरा।
-2010: वार्ड नंबर-एक, तीन, छह, सात, आठ, नौ एवं 10 में गलियों को सीमेंटेड करने, सीवर लाइन डालने एवं पानी की लाइन डालने का काम अधूरा।

‘सीएम साहब ने शहर की सारी सड़कें सीमेंटेड करने, पानी की पाइपलाइन डालने सहित कई कार्यों की घोषणा कर रखी है। फंड की कमी के कारण कई कार्य पूरे नहीं हो पाए हैं। कुछ कार्यों पर निरंतर काम चल रहा है’।
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-डॉ. डी. सुरेश, नगर निगम आयुक्त, फरीदाबाद।

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