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डेंगू के बाद जापानी बुखार का खतरा

Wed, 06 Nov 2013 07:52 PM IST
अमर उजाला, फरीदाबाद
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मौसम बदलते ही वायरल के मरीज बढ़ने लगे हैं। बीके अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार, इस समय हर रोज लगभग एक हजार मरीज ओपीडी में आते हैं, जिनमें से 45 प्रतिशत वायरल के हैं।
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इसके साथ ही जापानी बुखार का खतरा भी बढ़ गया है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने शहर के सभी निजी अस्पतालों से बुखार के सैंपल लेने का निर्णय लिया है।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा अस्पतालों के लिए जारी निर्देश में कहा गया है कि कोई भी निजी संस्थान जापानी बुखार की पुष्टि खुद नहीं कर सकता। इसके लिए प्रदेश में नौ केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें बीके अस्पताल एक है।

कोई भी मरीज बुखार से पीड़ित होकर कितने दिनों से निजी अस्पताल या क्लीनिक आ रहा है। इसकी जानकारी निजी संस्थान स्वास्थ्य विभाग को देगा।

जापानी बुखार का संदेह होता है तो उसका सैंपल केवल विभाग में ही दिया जाएगा। डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. रमेश ने कहा कि जापानी बुखार का सबसे अच्छा इलाज यह है कि किसी सरकारी अस्पताल में जाकर डॉक्टर को दिखाएं। खुद कोई दवा न लें।
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क्या है लक्षण
-तेज बुखार, सिर दर्द
-गर्दन में जकड़न
-बेहोशी आना
-शरीर के किसी हिस्से का निष्क्रिय हो जाना
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