राज्य सरकार के निर्देश पर औद्योगिक शहर फरीदाबाद को मेट्रो के जरिये गुड़गांव एयरपोर्ट से सीधे जोड़ने की तैयारी शुरू हो गई है। हुडा प्रशासन ने इस महत्वाकांक्षी योजना का प्रस्ताव बनाना शुरू कर दिया है।
इसके तहत फरीदाबाद से एयरपोर्ट तक हाईस्पीड मेट्रो का जाल बिछाया जाएगा। यह दूरी लगभग 40 किलोमीटर होगी। प्रस्ताव तैयार कर हुडा राज्य सरकार को भेजेगा। उसके बाद सरकार इस प्रस्ताव का अध्ययन कर डीएमआरसी (दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन) को सौंपेगा। जो कुछ भी हो इस कवायद से यह बात तो साफ हो गई है कि देर सबेर यह योजना साकार रूप लेगी।
इससे फरीदाबाद, पलवल, गुड़गांव और दिल्ली के लाखों लोगों को प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से फायदा मिलेगा। हुडा प्रशासक एनके सोलंकी ने बताया कि प्रदेश सरकार ने फरीदाबाद-गुड़गांव हाइवे के साथ-साथ मेट्रो रेल को सीधे एयरपोर्ट से जोड़ने जाने की मंशा जताई है। जिसका प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। इस योजना के तहत अरावली की वादियों के बीच से मेट्रो रेल को ले जाने की दिशा में काम शुरू कर दिया गया है।
इस प्रस्ताव को जल्द तैयार कर सरकार को भेज दिया जाएगा। प्रस्ताव में हाई स्पीड मेट्रो को चलाने की योजना पर बल दिया जा रहा है। जिसके तहत एयरपोर्ट तक बहुत कम स्टेशन (केवल दो) बनाने की योजना है। जिससे कम से कम समय में लोग गुड़गांव और एयरपोर्ट पहुंच सकें। इसके तहत एक स्टेशन मांगर गांव के आसपास बनना तय माना जा रहा है। जबकि दूसरा स्टेशन गुड़गांव में लिंक लाइन (सिकंदरपुर या द्रोणाचार्य) के आसपास हो सकता है।
यह मेट्रो लाइन करीब 40 किलोमीटर लंबी होगी। क्योंकि, फरीदाबाद-गुड़गांव हाइवे कुल 25 किलोमीटर लंबा है। गुड़गांव से एयरपोर्ट करीब 10 किमी. एवं फरीदाबाद में बन रही मेट्रो लाइन से फरीदाबाद-गुड़गांव हाइवे की दूरी करीब 5 किमी. है। सरकार इस योजना पर करीब 5000 करोड़ रुपये खर्च कर सकती है। प्रति किलोमीटर मेट्रो लाइन बिछाने पर करीब 200 करोड़ रुपये का खर्च आता है। लेकिन, मेट्रो स्टेशनों की संख्या कम होने के कारण इस पर करीब 5000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया जा रहा है।