हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एचएसआईआईडीसी) ने आईएमटी (इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप) के लिए जमीन देने वाले किसानों को रिहायशी प्लॉट का पत्र भेजना शुरू कर दिया है।
पत्र में किसानों को स्पष्ट किया गया है कि अगर पत्र में प्लॉट संबंधित कोई दिक्कत है तो दो सप्ताह के भीतर आपत्ति दर्ज करवा सकते हैं। उसके बाद इस पर कोई सुनवाई नहीं होगी। एचएसआईआईडीसी ने अभी केवल 1300 किसानाें को ही उनकी जमीन लेने के बदले रिहायशी प्लॉट देने का फैसला लिया है। जबकि आईएमटी के लिए 2610 किसानों से 1832 एकड़ जमीन ली गई थी। सरकार ने कहा है कि जिस किसान की 75 फीसदी या उससे अधिक जमीन ली गई है अभी उसे ही रिहायशी प्लॉट मिलेगा।
आईएमटी किसान संघर्ष समिति के पूर्व अध्यक्ष बृजमोहन टोंगर ने बताया कि जिला प्रशासन और एचएसआईआईडीसी के बीच हुए समझौते पर अमल शुरू हो गया है। जब तक सभी किसानों को रिहायशी प्लॉट नहीं मिल जाता है तब तक समिति संतुष्ट नहीं होगी। इसके लिए किसानों ने लंबी लड़ाई लड़ी है।