ट्रिब्युनल ने एनएच तीन में रहने वाली वृद्ध महिला शांति देवी की शिकायत पर उनके नाती गोपाल कामरा से मकान खाली करवा लिया है।
शांति देवी का कहना था कि उनका पुत्र न होने के कारण उन्हाेेंने अपना मकान अपनी पुत्री के नाम कर दिया था। विवाह होने के बाद बेटी दिल्ली में रहने लगी, लेकिन कुछ समय पहले उसका बेटा गोपाल वहां अपनी पत्नी के साथ रहने लगा।
आरोप है कि गोपाल व उसकी पत्नी मनीषा अपने नाना-नानी के साथ अभद्र व्यवहार करने लगे। जिससे तंग आकर शांति देवी ने ट्रिब्युनल की शरण ली।
ट्रिब्युनल चेयरमैन यशेंद्र सिंह व सदस्यों अनीशपाल और राजेश आर्य ने गोपाल से मकान खाली कराया और बेटी को नोटिस भेजकर ट्रिब्युनल के समक्ष पेश होने के निर्देश दिए।
सेक्टर-30 निवासी कृष्णा ने अपनी पुत्रवधू अमिता शर्मा के खिलाफ शिकायत दी। ट्रिब्युनल ने अमिता को अपना व्यवहार सुधारने के निर्देश दिए। अमिता के पति को निर्देश दिया कि वे अपने घर में सीसीटीवी कैमरे लगवाएं ताकि उनके व्यवहार पर नजर रखी जा सके।
नंगला एंक्लेव के देवी राम की शिकायत की सुनवाई करने के दौरान आरोपी पुत्र कैलाश अनुपस्थित पाया गया, जिस पर ट्रिब्युनल ने कड़ी नाराजगी जताते हुए उसे समन भेजने के निर्देश जारी किए।
ट्रिब्युनल ने ओम प्रकाश की शिकायत की सुनवाई करते हुए उनके दोनों पुत्रों को फटकार लगाई। साथ ही ट्रिब्युनल ने आरोपी पुत्र श्रवण कुमार को घर का बिजली का बिल अदा करने के साथ-साथ प्रतिमाह अपने पिता के बैंक खाते में 1000 रुपये तथा अशोक कुमार को प्रति माह 1500 रुपये बतौर गुजारा-भत्ता जमा कराने के निर्देश दिए।
पर्वतीय कॉलोनी के राम सिंह की शिकायत की सुनवाई के दौरान आरोपी पुत्र धर्मबीर की अनुपस्थिति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए गैर-जमानती वारंट जारी किया।