उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग द्वारा आगरा नहर में छोड़े गए पानी से 500 एकड़ धान की फसल जलमग्न हो गई है। इससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है।
सिंचाई विभाग द्वारा 11 अक्तूबर को आगरा नहर में पानी छोड़ा गया था। प्रशासन ने इस पानी को रोक कर बुढ़िया नाले की तरफ मोड़ दिया, जिससे नाले से लगते दर्जनभर गांवों की 500 एकड़ फसल पानी में डूब गई। वहीं शुक्रवार को हुई बारिश ने भी किसानों की परेशानी को और बढ़ा दिया।
सिंचाई विभाग द्वारा आगरा नहर में पानी छोड़े जाने की सूचना 10 अक्तूबर को जिला प्रशासन को दे दी गई थी। इसके बावजूद प्रशासन द्वारा लापरवाही बरती गई। पलवली गांव के किसान ज्ञानचंद शर्मा ने बताया कि उनके खेत बादशाहपुर गांव में नाले के साथ लगते हैं।
उनकी धान की फसल पूरी तरह से तैयार होकर खेत में खड़ी थी। जल्द ही कटाई की जानी थी। लेकिन खेत में पानी भर गया है। बादशाहपुर के किसान धर्मपाल त्यागी ने बताया कि बिना सूचना के नाले में छोड़े गए पानी ने किसानों को बहुत नुकसान पहुंचाया है।
उन्होंने बताया कि उपायुक्त से मांग की जाएगी कि फसलों को हुए नुकसान की गिदावरी करवाकर किसानों को मुआवजा दिलाया जाए। उपायुक्त बलराज सिंह मोर ने बताया कि आगरा नहर में छोडे़ गए पानी के कारण क्षतिग्रस्त हुई फसलों की रिपोर्ट बनाने के लिए कृषि विभाग को निर्देश दिए गए हैं।