गौंच्छी निवासी रेनू की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए मंगलवार को बीके अस्पताल के जच्चा-बच्चा वार्ड में कार्यरत एक नर्स को बर्खास्त कर दिया गया। नर्स को रंगे हाथो रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया था। जिसके बाद यह कार्रवाई पीएमओ डॉ. एमएम शर्मा द्वारा की गई।
32 वर्षीय रेनू ने बताया कि आठ अक्तूबर को उसकी डिलीवरी घर पर हुई थी।
लेकिन इसके बाद उसके पेट में दर्द होने लगा। जिस पर परिजन उसे अस्पताल ले आए। कई दिनों तक डॉक्टरों ने उसकी सुध नहीं ली। जिससे परेशान होकर उसने मंगलवार को अस्पताल से छुट्टी ली, तब कुछ दवाईयां डॉक्टर ने उसके डिस्चार्ज कॉर्ड पर लिख दीं। महिला का आरोप है कि नर्स ने उससे कहा कि यह दवाइयां वह उसे दे देगी। इसके लिए उसे 200 रुपये देने होंगे।
रेनू ने बताया कि उसने इसकी शिकायत पीएमओ डॉ. एमएम शर्मा के कार्यालय में दी। जिसके बाद डॉ. शर्मा ने दो नोटों पर एक चिन्ह बनाकर आरोपी नर्स को देने के लिए कहा।
महिला ने अधिकारी द्वारा बताए गए तरीके से नर्स को नोट दिए। मौके पर अस्पताल प्रबंधक डॉ. मेघा ने नर्स को पकड़ा और मामले की सूचना पीएमओ को दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए नर्स को बर्खास्त कर दिया गया। पीएमओ डॉ. शर्मा ने बताया कि कोई भी कर्मचारी ऐसा करेगा तो उसे बर्खास्त किया जाएगा। फिलहाल मामले की जांच भी शुरू कर दी गई है।