फरीदाबाद। नगर निगम के डिप्टी मेयर राजेंद्र भामला द्वारा कथित रूप से अपमानजनक शब्द कहे जाने के खिलाफ पार्षदों ने सदन में जमकर हंगामा किया। नाराज पार्षदों ने भामला के खिलाफ सदन में अविश्वास प्रस्ताव लाने का निर्णय लिया है। बृहस्पतिवार को इसी मुद्दे पर हुए हंगामे के बाद सदन की बैठक स्थगित हो गई। अब यह मंगलवार को होगी। मेयर अशोक अरोड़ा, सीनियर डिप्टी मेयर मुकेश शर्मा एवं डिप्टी मेयर राजेंद्र भामला द्वारा मान-मनौव्वल करने के बाद भी नाराज पार्षद नहीं माने और भामला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का 14 दिन का नोटिस दे दिया।
बृहस्पतिवार को जैसे ही बैठक शुरू हुई अप्रत्याशित रूप से वार्ड नंबर-एक के पार्षद जगन डागर ने डिप्टी मेयर भामला को हटाने की मांग कर दी। डागर ने कहा कि भामला ने पार्षदों पर गलत टिप्पणी की है इसलिए वह इस्तीफा दें अन्यथा पार्षद बैठक नहीं चलने देंगे। उनके सुर में पार्षद सोम मल्होत्रा, धर्मवीर खटाना, धीरेंद्र प्रताप सिंह, योगेश ढींगड़ा, महेश मणि सहित कई पार्षदों ने सुर मिलाया।
निगमायुक्त डी. सुरेश ने बताना शुरू किया कि एक्ट के मुताबिक पहले नोटिस देना पड़ेगा तब डिप्टी मेयर हटाए जा सकते हैं। लेकिन, मल्होत्रा और धर्मवीर खटाना ने उन्हें आड़े हाथों लेते हुए कहा कि आपसे पूछा नहीं जा रहा है। सदन निगमायुक्त नहीं मेयर चलाते हैं इसलिए जवाब मेयर दें कोई और नहीं। इस बीच सदन की कार्रवाई शुरू करने की जब निगम संयुक्तायुक्त की ओर से कोशिश की गई तो पार्षद सोम मल्होत्रा, जगन डागर, धीरेंद्र प्रताप आदि पार्षदों ने विरोध करना शुरू कर दिया तथा कहा कि वह डिप्टी मेयर को हटाए बगैर सदन नहीं चलने देंगे।
इस हंगामे के बाद मेयर ने 15 मिनट अलग से बात करने का वक्त मांगा। 15 की जगह 40 मिनट तक डैमेज कंट्रोल की कोशिश होती रही, लेकिन नाराज पार्षद नहीं माने। इसके बाद दोबारा बैठक शुरू होते ही मेयर अरोड़ा ने इसे स्थगित करने की घोषणा कर दी। मेयर ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दे दो। अब मंगलवार को बैठक होगी उसमें चर्चा की जाएगी। दूसरी ओर डिप्टी मेयर राजेंद्र भामला ने सदन में कहा कि उन पर लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद हैं।