हरियाणा में कुरुक्षेत्र के शाहाबाद मारकंडा में बम धमाके के आरोपी संतोख सिंह की जमानत लेने के लिए कोई भी तैयार नहीं है। परिजनों ने भी संतोख सिंह की जमानत देने से इंकार कर दिया है।
सेक्टर 39 थाने में दर्ज आर्म्स एक्ट और जाली आई कार्ड बनाने के मामले में सिविल जज प्रवीण सिंगला की अदालत से संतोख सिंह को जमानत हासिल हो चुकी है।
परिजनों ने अदालत में तर्क दिया है कि संतोख सिंह के खिलाफ हरियाणा में बम ब्लास्ट का मामला दर्ज है और वह उसमें भगोड़ा घोषित हो चुका है। अगर जमानत की गारंटी लेते हैं तो वह फरार हो जाएगा।
जमानत न मिलने की वजह से संतोख सिंह बुडै़ल जेल में बंद है। दायर मामला आठ फरवरी 2013 का है। क्राइम ब्रांच ने शाहाबाद मारकंडा में हरियाणा रोडवेज की बस में धमाका करने के मामले में फरार चल रहे आतंकी संतोख सिंह को 27 साल बाद गुप्त सूचना के आधार पर सेक्टर 37/38 के चौराहे के पास से हथियारों के साथ काबू किया था।
सेक्टर 39 थाना पुलिस ने संतोख सिंह पर आर्म्स एक्ट और जाली पहचान पत्र बनाने का मामला दर्ज किया था।
बम धमाके में चल रही है सुनवाई
संतोख सिंह ने 24 सितंबर 1985 को अपने तीन साथियों के साथ मिलकर शाहाबाद मारकंडा में एक हरियाणा रोडवेज की बस में बम धमाका करवाया था। धमाके में दो लोगों की मौत और करीब 15 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। पुलिस ने मामले में गुरबख्श सिंह, कुलदीप सिंह और प्रीतम सिंह को काबू किया था, जबकि संतोख सिंह फरार हो गया था। अदालत ने संतोख सिंह को बम ब्लास्ट मामले में भगोड़ा घोषित कर दिया था।