गलत नंबर से फोन आने या किसी अजनबी को फोन लग जाने पर यूं तो लोग अक्सर मजाकिया या ऊटपटांग बातें कह दिया करते हैं। लेकिन हरियाणा के एक पुलिस कॉन्सटेबल को ऐसे ही एक नबंर पर डायल करना बहुत महंगा पड़ गया।
हुआ यूं कि कॉन्सटेबल ने फोन सर्विस प्रोवाइडर को फोन किया। गलती से यह कॉल हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को जा मिला।
जब फोन कनेक्ट हुआ तो सीएम ने कहा, 'मैं हुड्डा, हरियाणा का चीफ मिनिस्टर बोल रहा हू।'
बिना इस बात को जाने की दूसरे छोर पर सच में मुख्यमंत्री बात कर रहे हैं, कॉन्सटेबल ने जवाब दिया,' हरियाणा में सारे हुड्डा खुद को चीफ मिनिस्टर ही समझते हैं।'
कॉन्सटेबल को हाल ही में पंजाब शिफ्ट कर दिया है। हरियाणा हाई कोर्ट का कहना है कि सीएम ने पुलिस को कॉन्सटेबल के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दिया है।
कॉन्सटेबल की सैलरी भी नहीं दी गई है और इस कार्रवाई का आधार अपने वरिष्ठ अधिकारियों ने दुर्व्यवहार बताया गया है।
क्या था मामला
मामला 2010 का है। कॉन्सटेबल नरेश के फोन से अचानक 50 रुपए कट जाने के कारण वह कस्टमर सर्विस को कॉल कर रहा था। और जब फोन लगा तो सामने वाले व्यक्ति ने कहा कि वह हुड्डा बोल रहा है। झल्लाकर नरेश सिंह ने उसी तरह बात की और फोन काट दिया।
लेकिन नरेश सिंह को पूरी बात उस वक्त समझ आई जब अगले दिन एसपी ने उसके खिलाफ समन जारी किया।
सैलरी भी रोक दी
नरेश सिंह की एक छोटी सी गल्ती इतनी भारी पड़ी कि उसको पहले ही मिल चुके साल की तीन बढ़ोत्तिरियों को उसकी सैलरी से काट लिया गया।
नरेश पहुंचा हाई कोर्ट
इस पूरे मामले में नरेश का अपनी सफाई में कहना है कि यह फोन गलती से लगाया था और उसको बेवजह इतनी बड़ी सजा दी जा रही है। मामला अभी कोर्ट में है जिसकी अगली सुनवाई दिसंबर में होनी है।